मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अचानक छुट्टी के मायने क्या हैं?

ब्रजेश चतुर्वेदी

लखनऊ।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों से बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल अचानक छुट्टी पर चले गए हैं। खास बात यह है कि उन्होंने न तो छुट्टी का कारण बताया है और न ही यह स्पष्ट किया है कि वह कितने दिनों तक अवकाश पर रहेंगे। आधिकारिक तौर पर सिर्फ यह बताया गया कि वे स्वास्थ्य लाभ के लिए दिल्ली जा रहे है। स्वास्थ्य खराब हुआ अचानक ठीक वैसे ही जैसे देश के पूर्व उपराष्ट्रपति का हुआ था? उनकी अनुपस्थिति में कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) दीपक कुमार को कार्यवाहक मुख्य सचिव का प्रभार सौंपा गया है।
सूत्रों की मानें तो इस पूरे घटनाक्रम के पीछे बड़े पैमाने पर होने वाले तबादलों को लेकर खींचतान जिम्मेदार है। बताया जा रहा है कि एस.पी. गोयल ने प्रमुख सचिव और आईएएस स्तर के अफसरों की एक तबादला सूची तैयार की थी। सूची में कई अहम और प्रभावशाली अधिकारियों के विभाग बदले जाने थे लेकिन इसे लेकर अफसरों के बीच भारी असहमति सामने आई। माना जा रहा है कि इसी कारण प्रशासनिक हलकों में टकराव की स्थिति बनी और मुख्य सचिव ने लम्बी छुट्टी पर जाने का फैसला किया।
ब्यूरोक्रेसी में खींचतान कोई नई बात नहीं है लेकिन इस बार मामला शीर्ष स्तर तक पहुंच गया है। शासन की विश्वसनीयता और प्रशासनिक संतुलन के लिए मुख्य सचिव की भूमिका अहम मानी जाती है। ऐसे में गोयल का अचानक अवकाश पर जाना कई सवाल खड़े करता है।
क्या सरकार और नौकरशाही के बीच मतभेद गहराए हैं?
क्या तबादलों की सूची पर सहमति नहीं बन सकी?
और सबसे अहम, क्या यूपी की ब्यूरोक्रेसी में सबकुछ सामान्य नहीं चल रहा?
क्या दिल्ली में बैठे एक आला अफसर गोयल की तैनाती से नाखुश हैं?
और लाख टके की बात क्या शीर्ष स्तर पर कोई फेरबदल प्रस्तावित है?
फिलहाल दीपक कुमार के पास कार्यवाहक मुख्य सचिव का जिम्मा है लेकिन अफसरशाही और राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर अटकलें तेज हैं। आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी कि यह महज एक “साधारण छुट्टी“ है या फिर प्रशासनिक खेमेबाज़ी का नतीजा अथवा किसी भारी उलटफेर का संकेत?