सपा नेताओं के साथ मंत्री राकेश सचान की तस्वीर वायरल
बृजेश चतुर्वेदी
लखनऊ। (आवाज न्यूज ब्यूरो) । उत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव के बीच कैबिनेट मंत्री और बीजेपी नेता राकेश सचान की समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सपा नेताओं के साथ तस्वीर सामने आने से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। तस्वीर के बाद क्रॉस वोटिंग और सियासी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हुईं। हालांकि, अखिलेश यादव ने इन अटकलों को तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि वह खुद विधानसभा अध्यक्ष से मिले हैं, तो क्या सरकार बदलने जा रही है।
राकेश सचान की सपा नेताओं के साथ तस्वीर से बढ़ी चर्चा
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव के बीच सामने आई एक तस्वीर ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया। तस्वीर में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और बीजेपी नेता राकेश सचान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, सपा के राज्यसभा प्रत्याशी धनराज परिमल नथवानी और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ दिखाई दे रहे हैं।
तस्वीर सामने आने के बाद बीजेपी के भीतर क्रॉस वोटिंग को लेकर अटकलें लगने लगीं। इसके साथ ही राज्यसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक समीकरणों में संभावित बदलाव को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, अखिलेश यादव ने राकेश सचान की मौजूदगी को लेकर लगाए जा रहे राजनीतिक कयासों का खंडन किया।
विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान दिखे राकेश सचान
यह तस्वीर उस समय की बताई जा रही है, जब सपा के राज्यसभा प्रत्याशी धनराज परिमल नथवानी ने अपना नामांकन दाखिल करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मुलाकात की थी। इसी दौरान अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ राकेश सचान भी तस्वीर में नजर आए।
इस घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो भी सपा नेताओं की ओर से साझा किया गया। वीडियो में राकेश सचान दरवाजे के बाहर खड़े दिखाई देते हैं और अंदर जाने की कोशिश करते नजर आते हैं। इसके कुछ देर बाद मार्शल उन्हें अंदर जाने देते हैं।
राकेश सचान की सपा नेताओं के साथ मौजूदगी ऐसे समय सामने आई है, जब राज्यसभा चुनाव में 10वीं सीट को लेकर बीजेपी और सपा के बीच नंबरों का गणित महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही वजह है कि तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
अखिलेश यादव ने अटकलों पर क्या कहा
राकेश सचान की सपा नेताओं के साथ मौजूदगी और इसके राजनीतिक मायने को लेकर जब अखिलेश यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने इसे किसी बड़े राजनीतिक बदलाव से जोडने से इनकार किया।
अखिलेश यादव ने कहा कि वह खुद भी विधानसभा अध्यक्ष से मिलने गए थे। उन्होंने सवाल के जवाब में कहा, “मैं भी तो स्पीकर से मिला हूं, तो क्या सरकार बदलने जा रही है?”
अखिलेश यादव ने इस घटनाक्रम को लेकर ज्यादा अटकलों में जाने के बजाय कहा कि अब जनता के बीच जाने का समय है। उनके बयान के बाद राकेश सचान की तस्वीर को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश के तौर पर इसे देखा गया।
राज्यसभा की 10वीं सीट पर टिका मुकाबला
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। इसी चुनाव में 10वीं सीट को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच नंबरों का गणित महत्वपूर्ण हो गया है।
दी गई जानकारी के मुताबिक, बीजेपी ने शुरुआत में आठ नामांकन फॉर्म खरीदे थे, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से तीन फॉर्म लिए गए थे। ऐसे में 10वीं सीट के लिए मुकाबला अतिरिक्त वोटों और समर्थन जुटाने के गणित पर निर्भर करता है।
समाजवादी पार्टी के तीन उम्मीदवारों में रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी के नाम सामने आए हैं। अखिलेश यादव ने यह भी ऐलान किया है कि सपा का तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतरेगा। इसके बाद 10वीं सीट के लिए मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
अखिलेश बोले- बीजेपी के कई विधायक संपर्क में
राज्यसभा चुनाव के बीच अखिलेश यादव ने दावा किया है कि बीजेपी के कई विधायक समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि चुनौती इन विधायकों को एडजस्ट करने की है।
अखिलेश यादव ने कहा कि वह उनसे झूठा वादा नहीं कर सकते। उनके इस बयान के बाद राज्यसभा को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
सपा के तीसरे उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए अपने अतिरिक्त वोटों के अलावा दूसरे खेमे से भी समर्थन जुटाना होगा। ऐसे में चुनाव विधायकों की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।
सपा के तीसरे उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए अपने अतिरिक्त वोटों के अलावा दूसरे खेमे से भी समर्थन जुटाना होगा। ऐसे में चुनाव से पहले विधायकों की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।
सपा से रहा है राकेश सचान का पुराना राजनीतिक जुड़ाव
राकेश सचान का राजनीतिक सफर समाजवादी पार्टी से भी जुड़ा रहा है। वह सपा के टिकट पर विधायक और सांसद रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का रुख किया और फिर बीजेपी में शामिल हुए।
उनके पुराने राजनीतिक संबंधों को देखते हुए सपा नेताओं के साथ उनकी तस्वीर सामने आने के बाद अटकलों को और हवा मिली। हालांकि, तस्वीर सामने आने के बाद लगाए जा रहे राजनीतिक कयासों की पुष्टि के तौर पर कोई अलग तथ्य खबर में नहीं दिया गया है।
राकेश सचान को लेकर यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले दिनों उनसे एमएसएमई जैसा भारी भरकम मंत्रालय छीन लिया गया था। इसके बाद से उनके नाराज होने की बातें सामने आती रही हैं। वर्तमान में वह खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के मंत्री हैं।
10वीं राज्यसभा सीट के लिए क्यों महत्वपूर्ण है वोटों का गणित
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में 10वीं सीट को लेकर बीजेपी और सपा के बीच मुकाबला नंबरों पर टिका हुआ है। बीजेपी की ओर से शुरुआत में आठ नामांकन फॉर्म खरीदे गए, जबकि सपा की ओर से तीन फॉर्म लिए गए।
सपा के तीसरे उम्मीदवार के मैदान में उतरने के बाद पार्टी को जीत के लिए अपने अतिरिक्त वोटों के साथ दूसरे खेमे के विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। इसी वजह से राज्यसभा चुनाव के दौरान विधायकों की हर राजनीतिक गतिविधि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राकेश सचान की अखिलेश यादव और सपा नेताओं के साथ तस्वीर भी इसी राजनीतिक माहौल के बीच सामने आई। तस्वीर के बाद क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं जरूर तेज हुई, लेकिन अखिलेश यादव ने इसे सरकार बदलने से जोड़ने वाले सवाल को खारिज करते हुए अपनी विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात का उदाहरण दिया।
राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां ऐसे समय तेज हैं, जब दोनों दल 10वीं सीट के लिए जरूरी वोटों के गणित पर नजर बनाए हुए हैं। सपा के तीसरे उम्मीदवार के मैदान में आने और दूसरे खेमे से समर्थन जुटाने की जरूरत के बीच आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर भी निगाहें बनी हुई हैं।
