‘‘आजाद मैदान में एकत्र हुआ मराठा समाज, फूटा गुस्सा‘‘
‘‘संजय राउत भी कूदे कहा : सभी को अधिकार‘‘
‘नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। मराठा आरक्षण की मांग से महाराष्ट्र की राजनीति सुलग उठी है। आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल 400 किलोमीटर की यात्रा कर अपने हजारों समर्थकों के साथ आजाद मैदान में डेरा जमा चुके हैं।
मुंबई में जगहकृजगह जाम की स्थिती है और संशय के बाद मंडरा रहे हैं। विपक्षी नेता संजय राउत ने सरकार से संयम बरतने की मांग की है। मनोज जरांगे पाटिल आर-पार के मूड में आ गए हैं। जरांगे पाटिल ने कहा है कि जब तक हमारी माँगें पूरी नहीं हो जातीं हम मुंबई नहीं छोड़ेंगे।
चाहे गोलियां चलें हम पीछे नहीं हटेंगे
43 साल के जरांगे अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी श्रेणी के तहत मराठों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। जरांगे ने आजाद मैदान पहुंचते ही तेवर बदल दिए हैं। उन्होंने कहा कि चाहे गोलियां भी चलें, हम पीछे नहीं हटेंगे। जरांगे आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
गणेश उत्सव के चलते प्रशासन हलकान
मनोज जारंगे पाटिल ने कहा है कि उनके समर्थक शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे और चल रहे गणेश उत्सव में बाधा नहीं डालेंगे। वह मांग कर रहे हैं कि सभी मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए जो ओबीसी श्रेणी में शामिल एक कृषि प्रधान जाति है। जिससे वे सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण के पात्र बनेंगे। पुलिस ने जरांग और उनके समर्थकों पर 40 शर्तें लागू करने के बाद उन्हें मार्च जारी रखने की अनुमति दी थी। इन शर्तों में उन्हें कानून-व्यवस्था की किसी भी स्थिति से बचने वाहनों की आवाजाही में बाधा न डालने और आपत्तिजनक नारे लगाने से बचने का निर्देश दिया गया है।
जारंगे के कंधों पर राजनीतिक बंदूक!
गौरतलब है कि उनके आंदोलन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने अप्रत्यक्ष रूप से कहा है कि कोई जरांगे पाटिल के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति कर रहा है। इस पर शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने कहा है कि एक समाज अगर अपनी न्यायिक मांग को लेकर महाराष्ट्र की राजधानी में आया है तो इसमें राजनीति क्या दिख रही है? जब भी आप सत्ता में आए हैं आपने इस आरक्षण मुद्दे को हवा दी है और इसका राजनीतिक लाभ उठाया है। मिस्टर फडणवीस अगर आज कोई जरांगे पाटिल के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति कर रहा है तो आप बताइए कि वह कौन है? वह आपकी सरकार में है या विपक्ष में है या क्या वह आपकी कैबिनेट का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मुंबई में इतनी बड़ी संख्या में मराठी लोग आ रहे हैं हम उनका स्वागत करते हैं क्योंकि पिछले कुछ समय से मुंबई में मराठी आवाज कमजोर हो रही है। अगर इस समय मराठी लोग अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आ रहे हैं तो मुंबई के दुश्मनों को यह ताकत दिखनी चाहिए।
जारंगे 10 फीसदी आरक्षण की कर रहे हैं मांग
जरांगे पाटिल के मुंबई पहुंचे से दक्षिण के कई हिस्सों में ट्रैफिक की समस्या खड़ी हो गई है। कुछ दिन पहले मनोज जरांगे पाटिल जालना स्थित अपने गांव से सैकड़ों वाहनों के साथ मुंबई के लिए निकले थे। आज सुबह वह मुंबई के आजाद मैदान पहुंचे हैं। मुंबई पहुंचने से पहले जरांगे पाटिल का कई जगह पर स्वागत किया गया। उनके स्वागत में सबसे ज्यादा भीड़ वाशी में देखने को मिली। जरांगे पाटिल के आजाद मैदान पहुंचते ही वहां पर बड़ा जनसमूह भी उमड़ा है। जारंगे अपने समर्थकों के साथ मुंबई से 400 किलोमीटर दूर अंतरवाली सरती गांव से फिर से भूख हड़ताल शुरू करने के लिए निकले हैं।
सरकार को संयम बरतने की अपील
शिवसेना यूबीटी के नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय राउत ने जारंगे के आंदोलन को राजनीति से न जोडऩे की अपील की है और प्रदेश सरकार को संयम बरतने की नसीहत भी दी। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा है कि मुंबई महाराष्ट्र और मराठी लोगों की राजधानी है। महाराष्ट्र के कोने-कोने से मराठी लोग अपने हक के लिए मुंबई आए हैं। मुंबई की कानून और व्यवस्था बनाए रखना कोर्ट का काम नहीं है। अगर कोई इसे कोर्ट के भरोसे छोड़ रहा है तो यह गलत है। यह सरकार और राज्य के गृह विभाग का काम है। खासकर मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है।
मराठा आरक्षण की चिंगारी से देश में राजनीतिक हड़कंप

