लखनऊ।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं सांसद राहुल गांधी का दो दिवसीय दौरा गुरुवार को पूरा हो गया। इन दो दिनों में उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र की समस्याओं को समझा। दिशा की बैठक में स्वास्थ्य और सड़क के मुद्दों समेत अन्य कार्यों के लिए अफसरों को निर्देश दिए। वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा को घेरा तो वहीं युवाओं को जोड़ने की भी कोशिश की।
राहुल गांधी के दौरे के दूसरे दिन यानी गुरुवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जो सियासी पंडितों के दिमाग में कई पहलू उलझा गई। मौका था दिशा की बैठक का। राहुल गांधी पहुंचे तो सामने हरचंदपुर ब्लॉक प्रमुख पीयूष प्रताप सिंह से आंखें टकरा गईं। मुलाकात हुई तो पीयूष आगे बढ़े और हंसकर राहुल गांधी से हाथ मिलाया। ठीक इसी समय किसी ने यह तस्वीर क्लिक कर ली। तस्वीर लोगों के सामने आई तो अनायास ही लोगों का ध्यान केंद्रित हो गया।
तस्वीर देख सियासी पंडित सोच पर पड़े…
एक नेता का दूसरे नेता से हाथ मिलाना यूं तो आम बात है। लेकिन, इस तस्वीर में तीन चेहरे प्रमुख रूप से देखे जा सकते हैं। उन चेहरों के जो परिचय हैं, उन्होंने सियासी पंडितों को भी सोचने पर विवश कर दिया है। इन तीन चेहरों में एक सांसद राहुल गांधी हैं। दूसरे उनसे हाथ मिलाते हुए पीयूष प्रताप सिंह हैं। इन दोनों के बीच में लेकिन थोड़ी दूर खड़े शख्स पर नजर डालेंगे तो देखेंगे कि वह दिनेश प्रताप सिंह हैं। जो योगी सरकार में राज्यमंत्री हैं और इन दोनों नेताओं को हाथ मिलाता देख मुस्करा रहे हैं।
यहां पर आपको बता दें कि राहुल से हंसकर हाथ मिला रहे पीयूष प्रताप, दिनेश प्रताप सिंह के बेटे हैं। यानी जब बेटा नेता प्रतिपक्ष से हाथ मिला रहा था तो दिनेश सिंह भी इस दृश्य को देखकर प्रसन्न थे। यहां तक भी ठीक था, कि किसी बैठक में मिलने पर एक-दूसरे से हाथ मिला लिया जाता है। लेकिन, यह मुलाकात जिन परिस्थितियों में हुई, उससे यह तस्वीर चर्चा का विषय बन गई। पूरी परिस्थिति समझने के लिए आपको एक दिन पहले के घटनाक्रम पर नजर डालनी पड़ेगी।
अब आपको बताते हैं एक दिन पहले की घटना
दरअसल, दिनेश प्रताप सिंह पहले कांग्रेस में थे। फिर, उन्होंने भाजपा जॉइन कर लिया। यहां योगी सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का इनाम मिला। कांग्रेस में रहने के दौरान गांधी परिवार से उनके संबंध किसी से छिपे नहीं हैं। अब बात करते हैं एक दिन पहले यानी बुधवार की। जब राहुल गांधी रायबरेली की सीमा से जिले में प्रवेश कर रहे थे। इससे पहले यही भाजपा नेता जो तस्वीर में मुस्करा रहे हैं, वो राहुल गांधी गो बैक के नारे लगा रहे थे। कांग्रेस सांसद को बुरा-भला कह रहे थे। दूसरे शब्दों में कहें तो गाली तो नहीं लेकिन गाली से कम खराब शब्दों का उच्चारण भी मुंह से नहीं निकाल रहे थे। यहां तक कि राहुल गांधी के विरोध में सड़क पर बैठ गए। उन्हें हटाने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।
….ये रिश्ता क्या कहलाता है
भाजपा कार्यकर्ताओं संग प्रदर्शन कर रहे दिनेश सिंह के हंगामे के कारण 15 मिनट तक राहुल का काफिला हाईवे के जाम में फंसा रहा। दिनेश सिंह यहीं नहीं रुके उन्होंने मंच से भी कांग्रेस सांसद को खूब अच्छे-अच्छे शब्दों से नवाजा। लेकिन, अब एक दिन बाद ही उनके तेवर बदले-बदले नजर आए। जब बेटा राहुल से हाथ मिला रहा था, तब त्योरियां चढ़ाने की बजाय वह खड़े होकर मुस्करा रहे थे। खड़े भी तनकर नहीं बल्कि झुककर थे। अब सियासी पंडित इस बात का अंदाजा लगाने की कोशिश कर रहे हैं, कि ये रिश्ता क्या कहलाता है? आखिर साहब के तेवर एक दिन में ही इतने क्यों बदल गए? खैर राहुल का दौरा तो पूरा हो गया। वह चले भी गए। लेकिन, सियासी पारा और पंडितों के लिए मुद्दा छोड़ गए।
योगी के मंत्री ने पहले लगाए गो बैक के नारे…, दूसरे दिन हंसकर बेटे को राहुल से मिलवाया

