‘‘पुलिस ने किया बर्बर लाठी चार्ज‘‘
नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। बिहार की राजधानी पटना में दरोगा और सिपाही भर्ती परीक्षा जल्दी कराने की मांग को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से पैदल मार्च निकाल कर मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने की कोशिश की। अभ्यर्थियों को रोकने के लिए पुलिस ने डाक बंगला चौराहा पर बैरिकेडिंग कर दी। पुलिसकर्मी अभ्यर्थियों को समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अभ्यर्थी आगे बढ़ते रहे। कुछ अभ्यर्थी कोतवाली थाने के पास तक पहुंच गए।
इस दौरान पुलिस ने कई बार समझाया, लेकिन जब अभ्यर्थी नहीं माने तो उन्हें तितर-बितर करने के लिए बर्बर लाठीचार्ज किया। कई अभ्यर्थी घायल हो गए और एक महिला का पैर टूट गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे अपनी मांगों के लिए डटे रहेंगे।
क्या है कैंडिडेट्स की मुख्य मांग
प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवार बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग और केंद्रीय कांस्टेबल चयन बोर्ड की परीक्षा में पारदर्शिता और जल्द नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं।
टीआरई-3 परीक्षा परिणाम को लेकर भी प्रदर्शन
हाल ही में टीआरई-3 शिक्षक भर्ती परीक्षा के पूरक परिणाम जारी करने की मांग को लेकर भी अभ्यर्थियों ने धरना प्रदर्शन किया था। उस समय भी पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। पटना (मध्य) की एसपी दीक्षा ने कहा था कि प्रदर्शनकारियों से इलाका खाली करने के लिए अनुरोध किया गया था। जब प्रदर्शनकारियों ने नहीं मानी तो उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। अभ्यर्थियों ने बताया कि लाठीचार्ज के दौरान कई लोग घायल हुए थे, जबकि अधिकारियों ने इसे खारिज किया था।
बीपीएससी ने कितने नियुक्ति पत्र दिए?
बीपीएससी ने मार्च 2024 में टीआरई-3 परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा में कुल 87,774 पदों की घोषणा हुई थी। अब तक लगभग 51,000 उम्मीदवारों को ही नियुक्ति पत्र मिले हैं। अभ्यर्थी दावा कर रहे हैं कि अधिकारियों ने पहले पूरक परिणाम का वादा किया था, लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ। पटना के अमन कुमार ने कहा, शिक्षा विभाग ने हमें आश्वासन दिया था कि इस मुद्दे पर बीपीएससी को पत्र भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
बिहार में पुलिस भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का जोरदार प्रदर्शन

