बिहार एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त चेतावनी : गड़बड़ी मिली तो पूरी प्रक्रिया होगी रद्द

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार की वोटर लिस्ट की जांच प्रक्रिया (एसआईआर) पर कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने साफ कहा है कि अगर इस प्रक्रिया में कोई भी गड़बड़ी या कानून का उल्लंघन मिला, तो पूरी प्रक्रिया रद्द कर दी जाएगी।
अगर ऐसा नहीं हुआ, तो बड़ा फैसला लिया जाएगा
यह टिप्पणी न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने की। कोर्ट ने कहा कि अभी तक यह माना जा रहा है कि चुनाव आयोग ने कानून के मुताबिक काम किया है, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो बड़ा फैसला लिया जाएगा।
क्या है मामला?
बिहार में वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया चल रही है। इसमें 65 लाख वोटरों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष का आरोप हैकि ये नाम बिना उचित जांच के हटाए जा रहे हैं और यह बीजेपी को फायदा पहुंचाने की कोशिश है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पर खुलकर चुनाव आयोग की आलोचना की है।
आधार कार्ड को लेकर विवाद
कोर्ट ने पहले ही कहा था कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए आधार कार्ड एक वैध दस्तावेज है (12वें दस्तावेज के रूप में)। लेकिन कई अधिकारियों ने आधार को स्वीकार नहीं किया, जिससे मतदाता परेशान हुए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आधार पहचान और निवास का प्रमाण तो है, लेकिन इससे नागरिकता साबित नहीं होती।
अब आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 7 अक्टूबर को अंतिम सुनवाई करेगा। कोर्ट ने कहा है कि जो भी फैसला होगा, वह सिर्फ बिहार नहीं, बल्कि पूरे देश पर लागू होगा। चुनाव आयोग ने भी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कोई हेराफेरी नहीं हुई, और विपक्ष मतदाताओं को गुमराह कर रहा है। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से कहा है कि या तो सबूत दें, या माफी मांगें।