कानपुर।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। कानपुर की घटना पर अखिलेश यादव ने कहा है कि अब भाजपाई कहेंगे हमारे पट्टाधारी कार्यकर्ता महोदय जी कट्टा नहीं तान रहे थे, बल्कि रावण बनने के लिए आवेदन कर रहे थे।
उत्तर प्रदेश के कानपुर से रामलीला के दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता के द्वारा पिस्टल तानने के मामले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कटाक्ष किया है। साथ ही बीजेपी पर निशाना भी साधा है। कानपुर की घटना पर अखिलेश यादव ने एक्स हैंडल पर लिखा, “अब भाजपाई कहेंगे हमारे पट्टाधारी कार्यकर्ता महोदय जी कट्टा नहीं तान रहे थे, बल्कि रावण बनने के लिए आवेदन कर रहे थे और खलनायक की भूमिका हेतु अपने चरित्र की उपयोगिता सिद्ध कर रहे थे। इन्हें तो अभिनय की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि इनके दल में तो हर दिन का यही काम है, इस खलकर्म में तो वो बेहद सिद्ध हस्त हैं।
ये है पूरा मामला
दरअसल, यह मामला कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र भौती गांव से सामने आया है। यहां रामलीला का आयोजन किया जा रहा था। इस कार्यक्रम में बीजेपी युवा मोर्चा से जुड़े अमितेश शुक्ला कार्यक्रम में पहुंचे थे। आरोप है कि मंचन के दौरान अमितेश शुक्ला ने कलाकारों और नृत्य कर रही डांसर पर सरेआम रुपये लुटाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई।
वहीं अपर पुलिस उपायुक्त पश्चिम कपिल देव सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पिस्टल से धमकाते युवक की पहचान अमतेश शुक्ला के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे अवैध असलहे सहित हिरासत में लेकर अभियोग पंजीकृत किया है। अभी तक किसी राजनीतिक संबंध के साक्ष्य नहीं मिले हैं। पिस्टल के स्रोत सहित अन्य तथ्यों की जांच जारी है। फिलहाल इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसे लेकर विपक्ष अब बीजेपी पर हमलावर है। हालांकि इस मामले में बीजेपी की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।