देश में नफरत और भीड़तंत्र को सत्ता का संरक्षण, संविधान की जगह ले रहा बुलडोजर : कांग्रेस

‘‘रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम हत्या सिर्फ एक इंसान की नहीं, इंसानियत, संविधान और न्याय की हत्या है : राहुल गांधी‘‘
नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। 
रायबरेली में भीड़ ने एक दलित की पीट-पीटकर हत्या कर दी. इसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि 2014 के बाद से मॉब लिंचिंग, बुलडोजर अन्याय और भीड़तंत्र आज की पहचान बन चुकी हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की हत्या को इंसानियत और संविधान की हत्या बताया है। दोनों नेताओं ने इस मामले पर संयुक्त बयान जारी किया है।
राहुल गांधी ने बयान जारी करते हुए लिखा कि रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम हत्या सिर्फ एक इंसान की नहीं, इंसानियत, संविधान और न्याय की हत्या है। आज भारत में दलित, आदिवासी, मुसलमान, पिछड़े और गरीब हर उस व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा है, जिसकी आवाज़ कमजोर है, जिसकी हिस्सेदारी छीनी जा रही है और जिसकी ज़िंदगी सस्ती समझी जाती है। वो लिखते हैं कि देश में नफ़रत, हिंसा और भीड़तंत्र को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है। संविधान की जगह बुलडोज़र ने ले ली है और इंसाफ की जगह डर ने। मैं हरिओम के परिवार के साथ खड़ा हूं। उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। भारत का भविष्य समानता और मानवता पर टिका है और यह देश संविधान से चलेगा, भीड़ की सनक से नहीं।
संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम और क्रूर हत्या की कांग्रेस पार्टी कड़ी से कड़ी निंदा करती है। हमारे देश में एक संविधान है, जो हर इंसान को समानता के भाव से पहचानता है। एक कानून है, जो हर नागरिक की सुरक्षा, उसके अधिकार और उसकी अभिव्यक्ति को समान दर्जा देता है। जो रायबरेली में हुआ, वह इस देश के संविधान के प्रति घोर अपराध है। दलित समुदाय के प्रति अपराध है और इस देश व समाज पर कलंक है। देश में दलितों, अल्पसंख्यकों और गरीबों पर अपराध की संख्या हद से ज्यादा बढ़ चुकी है। यह हिंसा सबसे अधिक उन्हीं पर होती है जो वंचित हैं, बहुजन हैं, जिनकी न पर्याप्त हिस्सेदारी है, न प्रतिनिधित्व।
चाहे हाथरस और उन्नाव में महिलाओं के खिलाफ अपराध हों, रायबरेली में हरिओम की हत्या कुछ समय पहले रोहित वेमुला की संस्थागत हत्या। मध्य प्रदेश में एक नेता द्वारा आदिवासी युवक पर पेशाब करने की अमानवीय घटना, ओडिशा और मध्य प्रदेश में दलितों की निर्मम पिटाई या फिर हरियाणा के पहलू खान और उत्तर प्रदेश के अखलाक की हत्या, हर घटना हमारे समाज, प्रशासन और सत्ताधारी शक्तियों की बढ़ती हुई संवेदनहीनता का दर्पण है।
2014 के बाद से मॉब लिंचिंग, बुलडोजर अन्याय और भीड़तंत्र जैसी प्रवृत्तियां हमारे समय की भयावह पहचान बन चुकी हैं। हिंसा किसी भी सभ्य समाज की निशानी नहीं हो सकती, इसलिए हरिओम के साथ जो हुआ वह हमारी सामूहिक नैतिकता पर गहरा प्रश्न है। डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों का भारत और महात्मा गांधी के वैष्णव जन का भारत सामाजिक न्याय, समानता और संवेदना का भारत है, जिसमें ऐसे अपराधों के लिए कोई स्थान नहीं. मानवता ही एकमात्र रास्ता है।
कांग्रेस पार्टी समाज के वंचित और कमजोर तबकों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। हम नागरिकों से आह्वान करते हैं कि वे इस अन्याय के विरुद्ध एकजुट हों। यह लड़ाई तब तक जारी रहनी चाहिए, जब तक हर भारतीय के अधिकारों और जीवन की गरिमा को पूर्ण सुरक्षा नहीं मिल जाती। 6 अक्टूबर को रायबरेली पुलिस ने जानकारी दी थी कि रायबरेली में स्थानीय लोगों ने ड्रोन चोर समझकर 40 साल के एक दलित व्यक्ति की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस मामले में कार्रवाई करते हुए 3 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया और 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने वैभव सिंह, विपिन मौर्य, विजय मौर्य, सहदेव और सुरेश कुमार को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि ड्रोन चोरी के शक में जब उसे पकड़ा गया तो वो सवालों का जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे चोर समझकर बेरहमी से पीटा। उसे खून से लथपथ कर दिया। भीड़ युवक को ईश्वरदास पुर रेलवे स्टेशन तक घसीटकर ले गई और उसे गंभीर हालत में वहीं छोड़ दिया। बृहस्पतिवार सुबह उसका शव रेलवे ट्रैक के पास पड़ा पाया गया। मृतक की पहचान फतेहपुर जिले के निवासी हरिओम के रूप में हुई।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात हरिओम अपनी पत्नी और बेटी से मिलने के लिए पैदल ही ससुराल जा रहा था। घटना के बाद रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने फतेहपुर के रहने वाले हरिओम के पिता से फोन पर बात की थी और आश्वस्त किया कि न्याय दिलाया जाएगा।