‘‘अब रोमांचक होगा 2027 का मुक़ाबला‘‘
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बृजेश चतुर्वेदी
लखनऊ।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। बीएसपी की रैली सफल दिखाई दी है। बड़ी संख्या में देशभर से पार्टी के कार्यकर्ता कल रात से ही मैदान में पहुंच गए। सवर्णों को अपने पाले में करने का यह एक प्रयास था। आज की रैली के निहितार्थ बड़े है। इन्हें समझिए।
बसपा मरी नहीं है, थोड़ी थम गई थी। आज की रैली से निःसंदेह पार्टी में जोश का संचार होगा। आकाश आनंद के लिए आज रास्ता खोल दिया गया है। अब पार्टी में उनको भूमिका बहुत अधिक महत्वपूर्ण होगी। सतीश मिश्रा के बेटे कपिल मिश्रा को भी मायावती की ओर से प्रशंसा मिली है तो उनके लिए भी पार्टी में सम्मानित जगह निर्धारित कर दी गई है। बीएसपी अगले चुनाव अकेले लड़ेगी। यह पार्टी सुप्रीमो ने स्पष्ट कर दिया है। पार्टी बीजेपी से सीधी लड़ाई की बजाय फिलहाल सपा को मुख्य प्रतिद्वंदी मान रही है। क्योंकि स्मारक टिकट मसले पर मायावती ने बीजेपी सरकार का आभार व्यक्त किया।
अब बसपा से भागे नेता पुनःसक्रिय होंगे। बसपा को इन भगोड़ों की लिस्ट बनाकर रखनी चाहिए। पार्टी को सोशल मीडिया और मीडिया प्रबंधन को व्यवस्थित करना चाहिए। अधिकांश समर्थक बेहद ग़रीब पृष्ठभूमि के हैं तो फंडिंग के लिए अभियान चलाना चाहिए ताकि अंत समय में पैसा लेकर विचारहीन, चेतना विहीन लोगों को टिकट देने के आरोप न लगें। सुप्रीमों को निरंतर सक्रिय रहना होगा नहीं तो सपा पीडीए के नाम पर उसके कोर वोट बैंक में लोकसभा चुनाव की तरह फिर से सेंध लगाएगी क्योंकि अखिलेश यादव मायावती की तुलना में बहुत सक्रिय हैं। हालांकि आकाश आनंद निरन्तर सक्रिय हैं लेकिन उनको अभी यूपी पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है। मायावती ने आज रैली के दौरान विशेष रूप से उल्लेख किया कि यह इतनी भीड़ भाड़े और दिहाड़ी पर नहीं लाई गई है। यह सब अपने ख़ून पसीने की कमाई से यहां तक आए हैं। यह बात बहुत हद तक सच है। पूरी रैली बिना प्रशासन की मदद से प्राप्त बसों और लॉजिस्टिक सपोर्ट के बिना सफल हुई है क्योंकि अधिकांश बड़ी रैलियों में पूरा का पूरा सरकारी सिस्टम संबंधित पार्टी के साथ लगा होता है। उम्मीद है 2027 का मुक़ाबला अब रोमांचक होगा।
बसपा अभी जीवित है बसपा पार्ट 0.2 ने भरा जोश

