बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के निर्देशन में नये आपराधिक कानूनों के प्रति जागरूकता अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त थाना पुलिस द्वारा अपने- अपने क्षेत्रांतर्गत पड़ने वाले स्कूलों/विद्यालयों, रेलवे स्टेशन एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 03 नये आपराधिक कानूनों ( भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम के सम्बन्ध में जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । जिसमें संबंधित क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी द्वारा छात्र, छात्राओं व शिक्षकों को नये कानूनों के सम्बन्ध में जानकारी देकर जागरुक किया गया।
जनपद कन्नौज में नये आपराधिक कानूनों — भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के प्रति आमजनमानस को जागरूक करने हेतु एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद के समस्त थानों में विभिन्न स्कूल/विद्यालयों, रेलवे स्टेशन एवं सार्वजनिक स्थानों पर छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों एवं आमजन के मध्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गए। इन कार्यक्रमों में संबंधित क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारियों द्वारा प्रतिभागियों को नये आपराधिक कानूनों की विशेषताओं एवं उनके महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
कार्यक्रमों में यह बताया गया कि नये कानूनों में आमजन की सुविधा एवं न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक सुलभ, पारदर्शी व त्वरित बनाने के उद्देश्य से अनेक नवाचार किये गये हैं। इनमें जीरो एफआईआर एवं ई-एफआईआर की प्रक्रिया को सशक्त बनाना, समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना, महिला एवं बाल संरक्षण से सम्बंधित नये प्रावधानों को लागू करना, तकनीकी एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों के अनिवार्य उपयोग को बढ़ावा देना तथा पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली को प्राथमिकता देना प्रमुख है। इन सुधारों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक मानवीय, विश्वसनीय और आधुनिक बनाना है।
विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के दौरान उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर पुलिस अधिकारियों ने सरल व प्रभावशाली तरीके से दिया। शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में कानून के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करते हैं।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि जिले के सभी थानों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें, जिससे समाज का प्रत्येक नागरिक नये आपराधिक कानूनों से परिचित होकर एक जागरूक एवं कानून-पालक नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभा सके।
