कन्नौज: कलेक्ट्रेट में शान से लहराया तिरंगा

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)  गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान की गरिमा बनाए रखने तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ निर्वहन करने की शपथ दिलाई।

इसके उपरांत कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में जमुना प्रसाद गर्ल्स इंटर कॉलेज की कक्षा 12 की छात्रा कु० इकरा नाज एवं कक्षा 11 की छात्रा कु० तहसीन द्वारा भावपूर्ण देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए गए। वहीं कक्षा 1 की छात्रा कु० जानवी, कक्षा 3 की छात्रा कु० अल्फिजा तथा कक्षा 8 की छात्रा कु० परी द्वारा देशभक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितो चम्पाकली, मुन्नी देवी, राजकुमारी ( आश्रित अजय कुमार) एवं  उर्मिला देवी (आश्रित शिखर गुप्ता) को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि भारतीय संविधान एक सशक्त, समावेशी एवं विश्व का अनूठा दस्तावेज़ है, जिसमें कार्यपालिका, विधायिका एवं न्यायपालिका तीनों की स्वतंत्रता सुनिश्चित की गई है। संविधान प्रत्येक नागरिक को बिना किसी जाति, धर्म अथवा वर्ग के भेदभाव के समान अधिकार प्रदान करता है, जिसमें मताधिकार का अधिकार भी शामिल है। कहा कि संविधान में स्पष्ट रूप से कर्तव्यों एवं अधिकारों का उल्लेख किया गया है, जिनका पालन करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। यदि प्रत्येक नागरिक ईमानदारी से नियमों एवं कर्तव्यों का पालन करे, तो देश को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। देश के विकास के लिए सबसे पहले अपने जनपद के विकास पर ध्यान देना आवश्यक है। कन्नौज को विकसित जनपद बनाने के लिए सभी को मिलकर सामूहिक प्रयास करने होंगे।

जिलाधिकारी ने संविधान की विधि व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज ही के दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। किसी भी देश के सुचारु संचालन के लिए सुदृढ़ विधि व्यवस्था अत्यंत आवश्यक होती है। संपूर्ण स्वराज के अधिवेशन में यह निर्णय लिया गया था कि स्वतंत्र भारत का संचालन एक लिखित संविधान के माध्यम से होगा, जिसमें सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू होंगे। उन्होंने कहा कि देश को आज़ादी दिलाने के लिए असंख्य वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी। नरम दल और गरम दल—दोनों के संयुक्त प्रयासों से भारत स्वतंत्र हुआ और आज स्वतंत्र भारत एक विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व)  देवेन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विजय कुमार मिश्र सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।