अलंकार अग्निहोत्री का बड़ा राजनैतिक धमाका : वृंदावन में नई पार्टी का ऐलान!

‘‘यूपी का सियासी पारा हाई’’
लखनऊ। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। यूजीसी के नए बिल के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद वृंदावन आए अलंकार अग्निहोत्री ने राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सनातनी संस्कृति के नाम से वह पार्टी बनाएंगे और उच्च वर्ग एवं सनानियों की बात रखने उन्हें राजनीति में विकल्प देने के लिए पार्टी बनाने के साथ ही चुनाव भी लड़ेंगे। अगर किसी दल से गठबंधन करना पड़ा तो वह भी करेंगे।
यह बात उन्होंने गोधूलिपुरम में स्थित श्रीहरिदास धाम में आयोजित यूजीसी एवं एससी एसटी के विरोध में आयोजित बैठक से पहले पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने बताया कि श्रीबांकेबिहारी महाराज के दर्शन करने के दौरान पार्टी बनाने का विचार आया। उन्हीं की पावन धरा से पार्टी बनाने का वह ऐलान करते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म स्थलों एवं मंदिरों का संरक्षण का कार्य सरकार का नहीं हमारा कर्तव्य है। वह अयोध्या हारे अब काशी और मथुरा में भी हारेंगे।
सरकार श्रीबांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर के जरिए प्राचीन संस्कृति को नष्ट करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक उच्च वर्ग एवं सनातनियों की बात सुनने वाला कोई नहीं है। हमारे वर्ग के पास कोई विकल्प नहीं है। उसे हम विकल्प देंगे। इसके लिए सभी संगठनों से बात की जा रही है। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वह तीन प्रमुख मुद्दों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। इनमें यूजीसी के नए नियम, एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग और श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में एक सवर्ण अधिकारी को दो बार निलंबित किया गया। उस पर फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए दबाव डाला जा रहा है। इस तरह कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है।
साथ ही उन्होंने यूजीसी के नए नियम पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि क्या हम अपने बच्चों को ऐसी व्यवस्था में पढ़ने भेजेंगे, जहां न्याय के नाम पर शोषण हो। उन्होंने उन जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल खड़ा किया जो कि ब्राह्मण समाज के नाम पर वोट लेकर कॉर्पोरेट एम्लाई की तरह चुप बैठे हैं। क्या वह ब्राह्मणों का नरसंहार चाहते हैं। वह सांसद विधायकों से कहा कि आखिर वह कब बोलेंगे। उन्होंने ब्राह्मणों के नाम पर चुनाव में टिकट लिया, ब्राह्मणों के वोट लिए और जीत जाने के बाद समाज से कोई मतलब नहीं रहा। गौरतलब है कि इस ऐलान के बाद से प्रदेश का सियासी पारा हाई है।