महिला की मौत के बाद कुलवंती अस्पताल सील : पांच अन्य पर भी कार्यवाही

फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।  शहर के मसेनी चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में महिला की संदिग्ध मृत्यु के बाद विभाग हरकत में आया और जांच के दौरान सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कई अन्य अस्पतालों पर भी कार्यवाही की गई। इस अभियान से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार इटावा जनपद के उसराहार क्षेत्र निवासी एक महिला की उपचार के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। मामले की सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवनीन्द्र कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे और अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई खामियां पाई गईं, जिनमें आवश्यक अभिलेखों की कमी, मानकों के अनुरूप सुविधाओं का अभाव और उपचार संबंधी प्रक्रियाओं में लापरवाही शामिल रही।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। वहां भर्ती मरीजों को सुरक्षित रूप से राजकीय एंबुलेंस के माध्यम से डॉ राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, ताकि उनका उपचार निर्बाध रूप से जारी रह सके।
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को आगे बढ़ाते हुए मसेनी चौराहा क्षेत्र के अन्य निजी अस्पतालों की भी जांच की। जांच के बाद नारायण अस्पताल, स्वास्तिक अस्पताल, महालक्ष्मी हॉस्पिटल, गणेश हॉस्पिटल एवं बी०के० हॉस्पिटल पर भी कार्रवाई की गई। कई स्थानों पर दस्तावेजों की जांच, पंजीकरण संबंधी प्रमाण पत्रों की समीक्षा तथा चिकित्सा सुविधाओं का भौतिक सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन अस्पतालों में मानकों का पालन नहीं पाया जाएगा, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जांच समिति गठित
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह निर्धारित समयावधि में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे, ताकि आगे की विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके।
सीएमओ डॉ. अवनीन्द्र कुमार ने बताया कि जनपद में बिना मानक और नियमों के संचालित होने वाले अस्पतालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।