नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच पोप ने रविवार को युद्धविराम की जोरदार अपील करते हुए कहा कि हिंसा से कभी न्याय, स्थिरता और शांति नहीं मिल सकती। उन्होंने सीधे उन नेताओं से संघर्ष रोकने का आग्रह किया जो इस युद्ध के लिए जिम्मेदार हैं। रविवार की प्रार्थना के बाद अपने संबोधन में पोप ने कहा, “मध्य पूर्व के ईसाइयों और सभी सद्भावना रखने वाले लोगों की ओर से मैं इस संघर्ष के जिम्मेदार लोगों से अपील करता हूं युद्धविराम करें, ताकि संवाद के रास्ते फिर से खुल सकें।”
हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका बयान उस युद्ध के संदर्भ में आया है जो हाल ही में ईरान में हमलों के बाद तेज हुआ और जिसमें अमेरिका तथा इजरायल भी शामिल बताए जा रहे हैं। पोप ने उस हमले का भी उल्लेख किया जिसमें एक स्कूल को निशाना बनाया गया था। रिपोर्टों के अनुसार मिसाइल हमले में 165 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की थी। इस हमले को युद्ध के शुरुआती दिनों की सबसे दर्दनाक घटनाओं में गिना जा रहा है।
वेटिकन के एक आधिकारिक अखबार ने भी इस त्रासदी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था और सामूहिक कब्र की तस्वीर के साथ इसे “युद्ध का चेहरा” बताया था। पोप ने विशेष रूप से लेबनान की स्थिति पर चिंता व्यक्त की, जहां राहत एजेंसियों ने गंभीर मानवीय संकट की चेतावनी दी है। वेटिकन के लिए दक्षिणी लेबनान में रहने वाले ईसाई समुदायों की स्थिति खास चिंता का विषय है, क्योंकि वे मुस्लिम बहुल क्षेत्र में लंबे समय से एक महत्वपूर्ण धार्मिक समुदाय रहे हैं।
युद्ध शुरू होने के बाद से पोप लगातार संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान की अपील कर रहे हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से किसी देश का नाम लेने से परहेज किया है, जो वेटिकन की पारंपरिक कूटनीतिक तटस्थता की नीति के अनुरूप माना जाता है। वहीं वेटिकन के विदेश मंत्री ने भी कहा कि होली सी सभी पक्षों के साथ संवाद बनाए हुए है, ताकि संकट का शांतिपूर्ण समाधान खोजा जा सके।
ईरान जंग पर आगे आए पोप, बोले : जिम्मेदार देश तुरंत बंद करें संघर्ष, संवाद ही समाधान

