चेतावनी के एक घंटे बाद ही ईरान ने अमेरिकी पोत अब्राहम लिंकन को बनाया निशाना

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-अमेरिका युद्ध लगातार खतरनाक मोड़ लेता जा रहा है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी नौसेना के दैत्याकार विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि उसने चाबहार के निकट, अपनी तटरेखा से लगभग 250-300 किलोमीटर दूर, अब्राहम लिंकन की ओर क्रूज़ मिसाइलें दागीं। हालांकि अमेरिका ने इस हमले से हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की है और तस्वीरें जारी कर अपने जहाज को सुरक्षित बताया है।
इससे पहले ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर यह अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर उसकी मिसाइल रेंज में आया, तो उसे निशाना बनाया जाएगा। अब हमले के दावे से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस बीच, किम जान उन ने भी अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध “स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म” जैसा है। यह बयान वैश्विक स्तर पर इस संघर्ष को और राजनीतिक बना रहा है। वहीं स्ट्रेट आफ हारमुज को लेकर भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ईरान ने कहा है कि केवल “गैर-शत्रु” जहाजों को ही इस रास्ते से गुजरने दिया जाएगा। इस जलमार्ग से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है, इसलिए इसका असर वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है। तेल बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जो इस बात का संकेत है कि बाजार अभी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।
एक और चिंता की बात यह है कि ईरान ने दावा किया कि उसके बुसहर न्यूक्लियर प्लांट के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा। हालांकि इसमें किसी तरह का नुकसान या हताहत नहीं हुआ, लेकिन यह घटना न्यूक्लियर सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा करती है। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया ने भी सुरक्षा कारणों से कुछ ईरानी वीजा धारकों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। कुल मिलाकर, हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक तरफ सैन्य हमले और चेतावनियां हैं, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक बयानबाजी और वैश्विक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो रही हैं। इससे साफ है कि यह संघर्ष अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक संकट बनता जा रहा है।