नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह अमेरिका के साथ संभावित बातचीत में जे.डी. वैंस को प्राथमिकता देता है, न कि डोनाल्ड ट्रम्प के करीबी सहयोगियों को। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने ट्रंप के दामाद जार्ड कुशनेर और विशेष दूत स्टीव विटकाफ के नेतृत्व वाली टीम को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान का मानना है कि इन लोगों के साथ बातचीत का कोई फायदा नहीं होगा।
ईरान का यह रुख उसके गहरे अविश्वास को दिखाता है। उसका आरोप है कि पहले भी बातचीत के दौरान अमेरिका ने हमले जारी रखे, जिससे भरोसा पूरी तरह टूट गया। इसलिए अब वह उन्हीं चेहरों के साथ दोबारा बातचीत नहीं करना चाहता। ऐसे में जेडी वैंस को एक ऐसे नेता के रूप में देखा जा रहा है, जो मिडिल ईस्ट में सैन्य कार्रवाई के प्रति अपेक्षाकृत कम आक्रामक माने जाते हैं। ईरान को उम्मीद है कि उनके साथ बातचीत से युद्ध खत्म करने की संभावना ज्यादा हो सकती है।
वहीं, डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उनकी पूरी टीम बातचीत में शामिल है और अंतिम फैसला वही करेंगे कि कौन अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेगा। इस बीच पाकिस्तान ने इस बातचीत की मेजबानी की पेशकश की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनका देश “अर्थपूर्ण और निर्णायक बातचीत” कराने के लिए तैयार है। तुर्की, कतर और मिस्र भी संभावित स्थानों में शामिल हैं। कुल मिलाकर, स्थिति ऐसी है कि अभी बातचीत शुरू होने से पहले ही यह तय करने की जंग चल रही है कि मेज पर कौन बैठेगा। ईरान का यह कदम साफ संकेत देता है कि वह इस बार अपनी शर्तों पर ही बातचीत करना चाहता है।
ईरान जंग खत्म करने को तैयार, कहा : सिर्फ जेडी वैंस से करेंगे निर्णायक बात, ट्रंप टीम भरोसे लायक नहीं

