नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। आम आदमी पार्टी के कुल 10 राज्यसभा सदस्यों में से 7 ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। राघव चड्ढा और संदीप पाठक के अलावा सांसद अशोक मित्तल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी से नाता तोड़कर भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया और उसके बाद पार्टी में शामिल हो गए।
इन सब घटनाक्रम के बीच पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी के 50 विधायक भी आम आदमी पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का कोई क्राइटेरिया नहीं है। जब कोई विचारधारा नहीं होगी तो ऐसा होना तय है। आम आदमी पार्टी ने बड़ी कंपनियों, बड़े बिजनेस को देखकर विधायक चुने, जिसके बाद उनसे कई फायदे लिए गए, लेकिन अब ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक ही दिन में 50 विधायक एक-दूसरे के खिलाफ हो जाएं। आगे बोलते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि 7 सांसदों के भाजपा में शामिल होने से पंजाब में किसी को कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि ये सभी सांसद बिना जड़ों वाले हैं और राज्य में उनका कोई मजबूत बेस नहीं है। आज सिर्फ़ 7 सांसद हैं, कल 50 विधायक भी आम आदमी पार्टी छोड़ सकते हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को राघव चड्ढा ने दिल्ली में कहा था कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सांसदों के साइन वाला एक लेटर और डॉक्यूमेंट राज्यसभा चेयरमैन को सौंपा गया है। उनके अलावा इस लेटर पर सांसद संदीप पाठक, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल के साइन हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के 7 सांसद भारतीय संविधान के नियमों का इस्तेमाल करके भाजपा में शामिल हुए हैं। यहां यह भी ध्यान देना चाहिए कि अगर किसी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं, तो उन्हें भारतीय संविधान के दसवें शेड्यूल के तहत एंटी-डिफेक्शन डिसक्वालिफिकेशन से छूट मिलती है।
कांग्रेस का बडा दावा : राघव चड्ढा की बगावत के बाद अब 50 विधायक छोड़ सकते हैं आम आदमी पार्टी
