राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तीखा हमला: यह आत्महत्या नहीं, व्यवस्था द्वारा की गई हत्या है

‘‘राहुल गांधी ने गिनाए आंकड़े: 11 साल में 148 घोटाले, सजा सिर्फ एक को’’
‘‘भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ आर-पार की लड़ाई, अब 21 जून को होगी दोबारा परीक्षा’’
नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।
कांग्रेस नेता राहुल गाधी ने अभ्यर्थी की मौत को सिस्टम द्वारा हत्या करार दिया और सवाल किया कि सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए ऐसी और कितनी मौतें होंगी। कांग्रेस नेता ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के 21 साल के ऋतिक मिश्रा और गोवा में एक छात्र की कथित आत्महत्या का उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री की जवाबदेही के लिए कितने ऋतिक को जान देनी होगी। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया कि अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा। लखीमपुर खीरी के 21 साल के ऋतिक मिश्रा के ये आखिरी शब्द थे। तीसरी बार नीट देने वाला यह बच्चा, परीक्षा रद्द होते ही टूट गया। गोवा में भी एक नीट अभ्यर्थी ने जान दे दी। ये बच्चे परीक्षा से नहीं हारे, इन्हें एक भ्रष्ट तंत्र ने मारा है। उन्होंने दावा किया कि यह आत्महत्या नहीं, यह व्यवस्था द्वारा की गई हत्या है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आंकड़े देखिए, 2015 से 2026 तक 148 परीक्षा घोटाले हुए, 87 परीक्षाए रद्द हुईं और 9 करोड़ बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ। 148 घोटालों में सिर्फ एक को सजा हुई। राहुल ने कहा कि सीबीआई ने 17 मामले लिए, ईडी ने 11 मामलों को जांच की, किसी को सजा नहीं। नीट, एआईपीएमटी और अन्य मेडिकल परीक्षाओं में अकेले 15 घोटाले हुए।उन्होंने कहा कि सबसे शर्मनाक बात है कि इन घोटालों में जिम्मेदार किसी अधिकारी या मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ।
राहुल ने कहा कि अगर वे हटाए जाते हैं, फिर चुपके से बड़े पद पर बैठा दिए जाते हैं। चोरी कराने वालों को इनाम मिलता है और परीक्षा देने वाले बच्चे जान गंवाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री मोदी कितने ऋतिक चाहिए आपकी जवाबदेही जगाने के लिए? कांग्रेस नेता ने कहा कि मेरे युवा साथियों, आपका दर्द मेरा दर्द है। आपकी मेहनत मेरी मेहनत है। आपका भविष्य चुराने वालों को जवाब देना ही होगा। चाहे जितना वक्त लगे, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। ये मेरा वादा है। यह लड़ाई हम साथ लड़ेंगे और जीतेंगे भी। परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द की गई नीट-यूजी अब 21 जून को दोबारा कराई जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार को यह घोषणा की। यह परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की गई थी।