कन्नौज : खाद्य सुरक्षा के नाम पर वसूली का खेल

बृजेश चतुर्वेदी

छिबरामऊ।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो )। नगर पंचायत सिकंदरपुर में एक गरीब चाय विक्रेता ने खाद्य विभाग के अधिकारियों पर जांच के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है।

सिकंदरपुर निवासी पीड़ित चाय दुकानदार रामू शाक्य का आरोप है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम नमूना जांच के लिए उसकी दुकान पर पहुंची थी। इस दौरान अधिकारियों ने उसे कथित तौर पर जेल भेजने और जीवन बर्बाद हो जाने की धमकी दी। रामू के अनुसार अधिकारियों ने कहा कि यदि उसकी चाय पीकर किसी की तबीयत खराब हो गई, तो उसे जेल जाना पड़ सकता है। भय के माहौल में उससे 5 हजार रुपये की मांग की गई। रामू का कहना है कि उसके पास घर के खर्च और आटा खरीदने के लिए रखे केवल 2200 रुपये थे, जिन्हें उसने मजबूरी में अधिकारियों को दे दिया। मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि संबंधित फूड इंस्पेक्टर का फोन नहीं उठा। लोगों का कहना है कि गरीब दुकानदारों का उत्पीडन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य जनता की सुरक्षा होना चाहिए, न कि गरीब दुकानदारों का शोषण। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। इस संबंध में फूड इंस्पेक्टर विमलेश कुमार से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि एक दिन बाद वह वहां पहुंचेंगे और फिर आपसे भी मिलेंगे। ऐसा कुछ भी नहीं है। चाय विक्रेता के पास किसी तरह का लाइसेंस नहीं था। उसे लाइसेंस बनवाने के निर्देश दिए थे।