पीएम नरेंद्र मोदी के खास आदमी हैं चंपत राय: अरविंद केजरीवाल

‘‘ नरेंद्र मोदी ने चंपत राय को मंदिर का सर्वेसर्वा बनाया। सारा पावर और मैनेजमेंट चंपत राय के पास था। चंपत राय के बिना मंदिर में एक पत्ता भी नहीं हिल सकता था।’’

नई दिल्ली। (आवाज न्यूज़ ब्यूरो) अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर सियासी घमासान जारी है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आई है, उससे पता चला है कि 40 दिन में 70 बार चोरी होने के सबूत सामने आए हैं। 8 महीने की सीसीटीवी फुटेज को इनलोगों ने डिलीट कर दिया है। उन्होंने ये भी कहा कि चंपत राय पीएम नरेंद्र मोदी के खास आदमी हैं।
गोवा में मीडिया से बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने कहा, गोवा के लोग बहुत ही धार्मिक प्रवृति के लोग हैं। जब राम मंदिर का निर्माण हुआ तो गोवा के हिंदुओं, सनातनी लोगों ने बहुत बढ़चढ़कर दिल खोलकर राम मंदिर के निर्माण के लिए पूरी श्रद्धा के साथ दान किया था। मैंने कई लोगों से बात की। अब जब राम मंदिर में घोटाले, चढ़ावा चोरी की बातें सामने आ रही हैं तो गोवा के सभी सनातनी इस बात को सुनकर बहुत ज्यादा दुखी हैं। दिल्ली के पूर्व सीएम ने कहा, ष्मैं इनकम टैक्स में काम कर चुका हूं। एफआईआर के बिना एसआईटी बन ही नहीं सकती। ये एसआईटी गैर कानूनी है। इस एसआईटी के पास कोई पावर नहीं है। ये एसआईटी किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती, किसी पर रेड नहीं मार सकती। किसी को समन नहीं कर सकती। लूली-लंगड़ी एसआईटी बना दी। उन्होंने आगे कहा, जो बातें सामने आ रही हैं, उसमें भगवान राम का हार, पादुका चोरी हो गई। लोगों ने बड़ी श्रद्धा से हीरे और जवाहारात चढ़ाए थे वो भी चोरी हो गए। किसी ने 200 किलो चांदी की ईंटें दी थीं, वो भी चोरी हो गई। किसी ने चांदी के दिए थे, वो भी चोरी हो गए. 200 करोड़ का कैश चोरी हो गई। जितनी ज्यादा बातें सामने आ रही हैं, उससे लोगों की आस्था को और ठेस पहुंच रही है। ये चोरी अभी शुरू नहीं हुई बल्कि 2021 से ही शुरू हो गई, जब वहां पर जमीनों का घोटाला हुआ। मंदिर निर्माण के लिए देश से करोड़ों-करोड़ रुपये इकट्ठे किए गए थे।
केजरीवाल ने साल 2021 के एक मामले का जिक्र करते हुए कहा, एक पाठक परिवार है, अयोध्या में उनकी जमीनें थीं। उन्होंने जमीन इनकी पार्टी के किसी नेता को 2 करोड़ रुपये में बेची। दस मिनट के अंदर उस नेता ने वो जमीन मंदिर के ट्रस्ट को 18 करोड़ रुपये में बेच दी। इसी तरह से 2 करोड़ रुपये की जमीन टेंपल ट्रस्ट ने 24 करोड़ रुपये में खरीदी। ठीक इसी तरह से 9 करोड़ रुपये की जमीन 55 करोड़ रुपये में खरीदी गई। 14 करोड़ रुपये की जमीनें 95 करोड़ रुपये में खरीदी गईं। इसके कागज जनता के बीच में चारों तरफ हैं। केजरीवाल ने ये भी कहा, एक रुपये की जमीन को दस रुपये में खरीदकर इन्होंने आपके द्वारा दिए गए राम मंदिर निर्माण के चंदे को साइफन ऑफ किया। फिर जब मंदिर बनने लगा तो इंजीनियर्स ने गवाही दी है कि 40 फीसदी कमीशन हर टेंडर के अंदर ली गई। जिस तरह से इन्होंने धोखा दिया है, ऐसे तो सरकारों के अंदर होता है।
केजरीवाल ने कहा, राम मंदिर के चंदे में चोरी हुई है लेकिन सबसे बड़ा सवाल हर राम भक्त के मन में है कि दोषियों को सजा मिलेगी क्या? बड़े लोग पकड़े जाएंगे? ऐसा लगता नहीं है. जबसे ये मामला सामने आया है, उसे दबाने की पूरी कोशिश की जा रही है। सबूतों को हटाने की कोशिश की जा रही है, सबूतों को मिटाने की कोशिश की जा रही है। गवाहों को डराया जा रहा है। पूरे मामले को लीपापोती करने कोशिश की जा रही है।
उन्होंने ये भी कहा, पीएम मोदी को सब पता था। उन्होंने ट्रस्ट बनाया, उस ट्रस्ट के अंदर जितने लोग थे, वो मोदी जी के अपने आदमी हैं। चंपत राय पीएम मोदी के खास आदमी हैं। उन्होंने चंपत राय को मंदिर का सर्वेसर्वा बनाया। सारा पावर और मैनेजमेंट चंपत राय के पास था। चंपत राय के बिना मंदिर में एक पत्ता भी नहीं हिल सकता था। जो लोग कह रहे हैं कि पीएम मोदी को ये सब पता नहीं था, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि इतनी चोरी इतने दिनों से चल रही थी, मोदी जी को पता नहीं चला? उस ट्रस्ट के अंदर सेंट्रल गवर्नमेंट का प्रतिनिधि भी है, उसने भी मोदी जी को कुछ नहीं बताया?

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर सियासी घमासान जारी है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आई है, उससे पता चला है कि 40 दिन में 70 बार चोरी होने के सबूत सामने आए हैं। 8 महीने की सीसीटीवी फुटेज को इनलोगों ने डिलीट कर दिया है। उन्होंने ये भी कहा कि चंपत राय पीएम नरेंद्र मोदी के खास आदमी हैं।
गोवा में मीडिया से बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने कहा, गोवा के लोग बहुत ही धार्मिक प्रवृति के लोग हैं। जब राम मंदिर का निर्माण हुआ तो गोवा के हिंदुओं, सनातनी लोगों ने बहुत बढ़चढ़कर दिल खोलकर राम मंदिर के निर्माण के लिए पूरी श्रद्धा के साथ दान किया था। मैंने कई लोगों से बात की। अब जब राम मंदिर में घोटाले, चढ़ावा चोरी की बातें सामने आ रही हैं तो गोवा के सभी सनातनी इस बात को सुनकर बहुत ज्यादा दुखी हैं। दिल्ली के पूर्व सीएम ने कहा, ष्मैं इनकम टैक्स में काम कर चुका हूं। एफआईआर के बिना एसआईटी बन ही नहीं सकती। ये एसआईटी गैर कानूनी है। इस एसआईटी के पास कोई पावर नहीं है। ये एसआईटी किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती, किसी पर रेड नहीं मार सकती। किसी को समन नहीं कर सकती। लूली-लंगड़ी एसआईटी बना दी। उन्होंने आगे कहा, जो बातें सामने आ रही हैं, उसमें भगवान राम का हार, पादुका चोरी हो गई। लोगों ने बड़ी श्रद्धा से हीरे और जवाहारात चढ़ाए थे वो भी चोरी हो गए। किसी ने 200 किलो चांदी की ईंटें दी थीं, वो भी चोरी हो गई। किसी ने चांदी के दिए थे, वो भी चोरी हो गए. 200 करोड़ का कैश चोरी हो गई। जितनी ज्यादा बातें सामने आ रही हैं, उससे लोगों की आस्था को और ठेस पहुंच रही है। ये चोरी अभी शुरू नहीं हुई बल्कि 2021 से ही शुरू हो गई, जब वहां पर जमीनों का घोटाला हुआ। मंदिर निर्माण के लिए देश से करोड़ों-करोड़ रुपये इकट्ठे किए गए थे।
केजरीवाल ने साल 2021 के एक मामले का जिक्र करते हुए कहा, एक पाठक परिवार है, अयोध्या में उनकी जमीनें थीं। उन्होंने जमीन इनकी पार्टी के किसी नेता को 2 करोड़ रुपये में बेची। दस मिनट के अंदर उस नेता ने वो जमीन मंदिर के ट्रस्ट को 18 करोड़ रुपये में बेच दी। इसी तरह से 2 करोड़ रुपये की जमीन टेंपल ट्रस्ट ने 24 करोड़ रुपये में खरीदी। ठीक इसी तरह से 9 करोड़ रुपये की जमीन 55 करोड़ रुपये में खरीदी गई। 14 करोड़ रुपये की जमीनें 95 करोड़ रुपये में खरीदी गईं। इसके कागज जनता के बीच में चारों तरफ हैं। केजरीवाल ने ये भी कहा, एक रुपये की जमीन को दस रुपये में खरीदकर इन्होंने आपके द्वारा दिए गए राम मंदिर निर्माण के चंदे को साइफन ऑफ किया। फिर जब मंदिर बनने लगा तो इंजीनियर्स ने गवाही दी है कि 40 फीसदी कमीशन हर टेंडर के अंदर ली गई। जिस तरह से इन्होंने धोखा दिया है, ऐसे तो सरकारों के अंदर होता है।
केजरीवाल ने कहा, राम मंदिर के चंदे में चोरी हुई है लेकिन सबसे बड़ा सवाल हर राम भक्त के मन में है कि दोषियों को सजा मिलेगी क्या? बड़े लोग पकड़े जाएंगे? ऐसा लगता नहीं है. जबसे ये मामला सामने आया है, उसे दबाने की पूरी कोशिश की जा रही है। सबूतों को हटाने की कोशिश की जा रही है, सबूतों को मिटाने की कोशिश की जा रही है। गवाहों को डराया जा रहा है। पूरे मामले को लीपापोती करने कोशिश की जा रही है।
उन्होंने ये भी कहा, पीएम मोदी को सब पता था। उन्होंने ट्रस्ट बनाया, उस ट्रस्ट के अंदर जितने लोग थे, वो मोदी जी के अपने आदमी हैं। चंपत राय पीएम मोदी के खास आदमी हैं। उन्होंने चंपत राय को मंदिर का सर्वेसर्वा बनाया। सारा पावर और मैनेजमेंट चंपत राय के पास था। चंपत राय के बिना मंदिर में एक पत्ता भी नहीं हिल सकता था। जो लोग कह रहे हैं कि पीएम मोदी को ये सब पता नहीं था, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि इतनी चोरी इतने दिनों से चल रही थी, मोदी जी को पता नहीं चला? उस ट्रस्ट के अंदर सेंट्रल गवर्नमेंट का प्रतिनिधि भी है, उसने भी मोदी जी को कुछ नहीं बताया?