कन्नौज: मतदेय स्थलों के संभाजन पर राजनीतिक दलों के साथ विस्तृत मंथन

निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप ही होगा प्रत्येक प्रस्ताव का परीक्षण,

 मतदाताओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता : डीएम

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)।  जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथों) के संभाजन एवं पुनर्गठन के संबंध में आलेख्य प्रकाशन के उपरांत प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों के निस्तारण तथा सूची को अंतिम रूप दिए जाने के उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि, विधायक प्रतिनिधियों तथा विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ विधानसभावार प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर बिंदुवार और बूथवार विस्तृत चर्चा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आलेख्य प्रकाशन के उपरांत 196-छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र से 30, 197-तिर्वा से 11 तथा 198-कन्नौज से 11, कुल 52 आपत्तियां एवं सुझाव प्राप्त हुए हैं।

विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत 19 प्रस्तावों पर सर्वसम्मति से सहमति बनी, जबकि 33 प्रस्तावों पर पुनः स्थलीय जांच कराने का निर्णय लिया गया। विधानसभावार समीक्षा में छिबरामऊ के 15, तिर्वा के 2 तथा कन्नौज के 2 प्रस्तावों पर सहमति व्यक्त की गई, जबकि शेष प्रस्तावों के संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं राजनीतिक दलों द्वारा पुनः जांच का अनुरोध किया गया।

जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदेय स्थलों के पुनर्गठन अथवा समायोजन की समस्त प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संपादित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता को सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक मतदान केंद्र उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि पुनः जांच हेतु चिन्हित सभी मतदेय स्थलों का 17 जुलाई, 2026 तक अनिवार्य रूप से स्थलीय निरीक्षण कर भवन की स्थिति, पहुंच मार्ग, दूरी, मूलभूत सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक मानकों का फोटोग्राफ सहित सत्यापन कर विस्तृत आख्या उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी मतदेय स्थल को तभी परिवर्तित अथवा समाप्त किया जाए, जब मतदाताओं को उससे अधिक सुविधाजनक एवं बेहतर वैकल्पिक मतदान केंद्र उपलब्ध कराया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय एवं मतदाता हितैषी बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों एवं राजनीतिक दलों के सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा प्रत्येक निर्णय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही लिया जाएगा।

बैठक में विधायक तिर्वा कैलाश सिंह राजपूत, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) देवेन्द्र सिंह, उप जिलाधिकारी तिर्वा सुश्री वैशाली, उप जिलाधिकारी सदर नवनीता राय, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी  विनीत कटियार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।