कन्नौज: कृषकों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने एवं मृदा संरक्षण पर दें विशेष जोर: डीएम

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)।  जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में आत्मा, नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयलसीड्स, उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग, जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति, जिला मिशन समिति तथा डब्ल्यू.सी.डी. समिति की संयुक्त बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं की प्रगति, लक्ष्यों एवं कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में उप कृषि निदेशक ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत संकर मक्का, बाजरा, ज्वार एवं जौ के क्लस्टर प्रदर्शन, गुणवत्तायुक्त बीज वितरण, मृदा एवं पादप संरक्षण प्रबंधन, कृषक प्रशिक्षण, जनपद स्तरीय मिलेट्स किसान मेला, एक्सपोजर विजिट तथा मिलेट प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना सहित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र कृषकों को निर्धारित मानकों के अनुसार अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उत्पादन लागत में कमी आएगी तथा उत्पादकता एवं किसानों की आय में वृद्धि होगी।

बैठक में नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयलसीड्स योजना के अंतर्गत तिल, राई, मूंगफली एवं सूरजमुखी जैसी तिलहनी फसलों को प्रोत्साहित करने, क्लस्टर प्रदर्शन, कृषक प्रशिक्षण तथा तिलहन मेले के आयोजन की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के माध्यम से श्रीअन्न (मिलेट्स) की खेती को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया।

नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के अंतर्गत जनपद के कन्नौज एवं उमर्दा विकास खंडों में 500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में क्लस्टर आधारित प्राकृतिक खेती संचालित किए जाने की जानकारी दी गई। चयनित किसानों को प्रशिक्षण, क्षमता विकास, एक्सपोजर विजिट, उत्पाद प्रमाणन तथा डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी। योजना का उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जैविक कार्बन की वृद्धि, रसायन एवं कीटनाशक मुक्त कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण तथा किसानों को कृषि निवेश के प्रति आत्मनिर्भर बनाना है। नमामि गंगे क्षेत्र एवं गंगा तटवर्ती क्षेत्रों में प्राकृतिक खेती को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं शासन की मंशा के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के हित से जुड़ी प्रत्येक योजना का लाभ समयबद्ध रूप से पात्र कृषकों तक पहुँचना चाहिए तथा योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिकाधिक किसानों को उनसे जोड़ा जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को ऐसी फसलों के प्रति जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जाए जिनमें सिंचाई हेतु कम पानी की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि मक्का की फसल में अपेक्षाकृत अधिक जल की आवश्यकता होती है, इसलिए स्थानीय परिस्थितियों एवं जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक एवं कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों तथा श्रीअन्न (मिलेट्स) जैसी फसलों को बढ़ावा दिया जाए, जिससे भूजल संरक्षण के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

जिलाधिकारी ने जिला भूमि एवं जल संरक्षण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अमोलर राजकीय क्षेत्र में ऊसर भूमि सुधार, मृदा एवं जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन हेतु तालाब निर्माण, भूमि विकास, उपयुक्त फसल प्रणाली के संवर्धन तथा जल निकास नालों के पुनर्जीवन जैसे कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, उप कृषि निदेशक संतोष कुमार, जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।