कन्नौज: निर्माण एवं पेयजल परियोजनाएं गुणवत्ता एवं समय से पूर्ण हों: डीएम

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)।  जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में जनपद में संचालित विभिन्न निर्माण, पेयजल, सीवरेज एवं आधारभूत संरचना विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में न्यायालय भवन, पुलिस थाना, राजकीय मेडिकल कॉलेज, विद्यालय, अमृत 2.0, सीवरेज, पेयजल योजनाओं, तालाबों के सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की कार्यदायी संस्थावार एवं बिंदुवार समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में अंतिम चरण के कार्य शेष हैं, उन्हें इसी माह पूर्ण कर संबंधित विभागों को हस्तांतरित किया जाए। उन्होंने संबंधित कार्यदाई संस्था को निर्देशित किया कि बाल संग्रहालय (42 प्रतिशत), राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान तिर्वा में हॉल निर्माण (77 प्रतिशत), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरडा (80 प्रतिशत), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किशनगढ़ (90 प्रतिशत) तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निजामपुर (80 प्रतिशत) सहित सभी लंबित निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर पूर्ण कराया जाए।

उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन 50 शैय्या क्रिटिकल केयर ब्लॉक का कार्य इसी माह पूर्ण कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय का निर्माण पूर्ण होने पर उसे शीघ्र संबंधित विभाग को हस्तांतरित करने को कहा।

बैठक में छिबरामऊ अपशिष्ट जल एवं बाढ़ पम्पिंग स्टेशन, राजकीय हाईस्कूल मित्रसेनपुर के उच्चीकृत इंटरमीडिएट भवन, पुलिस लाइन ट्रांजिट हॉस्टल तथा अन्य महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कार्यों में अपेक्षित गति लाने के निर्देश दिए।

अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत नगर पालिका परिषद कन्नौज के विभिन्न तालाबों के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर शहरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

पेयजल योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने समधन पुनर्गठन पेयजल योजना (अमृत 2.0) के सभी जोनों का निर्माण कार्य 15 सितम्बर, 2026 तक पूर्ण कर योजना को पूर्णतः जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अधिकांश ओवरहेड टैंकों एवं जलाशयों से पेयजल आपूर्ति प्रारम्भ हो चुकी है तथा शेष कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।

इसी प्रकार कन्नौज पुनर्गठन पेयजल योजना (अमृत 2.0) को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही छिबरामऊ सीवरेज योजना सहित सभी विकास परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्ता नियंत्रण एवं प्रगति की सतत समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण करते हुए परियोजनाओं का लाभ समय से आमजन तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार श्रीवास, प्रभारी जिला विकास अधिकारी राजकुमार लोधी, परियोजना निदेशक डीआरडीए रामऔतार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम उजागिर कन्नौजिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।