अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश*
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। जनपद के ग्राम मित्रसेनपुर में जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ पहुंचना चाहिए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र के प्राथमिक विद्यालय में स्थानांतरित होने के उपरांत पुराने एवं जर्जर आंगनबाड़ी भवन का नियमानुसार परीक्षण कर उसे कंडम घोषित किए जाने की कार्यवाही कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित, दिव्यांगजन एवं अन्य पात्र परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए तथा कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि ‘जी-राम-जी योजना’ के अंतर्गत मजदूरी दर बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। साथ ही निर्देशित किया कि रोजगार की मांग करने वाले श्रमिकों की शिकायत 1076 पोर्टल पर प्राप्त होने पर नियमानुसार 15 दिवस के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है। ग्राम में वर्तमान में 50 जॉब कार्ड धारकों का विवरण भी प्राप्त किया गया।
ग्रामीणों द्वारा राशन वितरण में अनावश्यक विलंब एवं असुविधा की शिकायत किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कोटेदारों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभार्थियों को समय से एवं निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी गरीब व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम चौपाल के दौरान लेखपाल के अनुपस्थित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राम चौपाल शासन की महत्वपूर्ण जनसुनवाई व्यवस्था है, जिसमें अधिकारियों की अनुपस्थिति कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। उन्होंने संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।
पंचायत भवन में गंदगी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित सचिव को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि पंचायत भवन ग्रामीण प्रशासन का प्रमुख केंद्र है। इसकी नियमित साफ-सफाई, सुव्यवस्थित अभिलेखों का रख-रखाव एवं बेहतर कार्यसंस्कृति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत परिसर सदैव स्वच्छ, व्यवस्थित एवं जनसुविधाओं के अनुरूप होना चाहिए।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी राजकुमार लोधी, जिला पंचायत राज अधिकारी श्री राजेन्द्र प्रकाश, खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।