नई दिल्ली।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। जंतर-मंतर पर छात्र संगठन कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के पिता से कथित मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था और अब अदालत ने उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
भारद्वाज की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब उसके एक पॉडकास्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में वो कथित तौर पर सीजेपी की दलित कार्यकर्ता के पिता के साथ हुई मारपीट का जिक्र करता है। उसने उनके सिर पर हमला किया था। इस वीडियो के बाद सीजेपी और विपक्षी नेताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए भारद्वाज की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।
हिंदू संगठनों का भारद्वाज के समर्थन में प्रदर्शन
उधर, स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थन में भी प्रदर्शन शुरू हो गया है। 5 सितंबर को हिंदू रक्षा दल समेत कुछ हिंदू संगठनों ने दिल्ली में जंतर-मंतर और संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भारद्वाज के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पास्को एक्ट, एससी/एसटी एक्ट और हत्या के प्रयास से जुड़ी धाराओं को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भारद्वाज के साथ अन्याय हो रहा है और उनकी गिरफ्तारी गलत है। पांच सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल संसद मार्ग थाने के अंदर जाकर पुलिस को ज्ञापन भी देने पहुंचा।
वायरल पॉडकास्ट से फिर गरमाया मामला
मामले ने कई हफ्तों बाद तब नया मोड़ लिया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक करीब घंटे लंबा इंटरव्यू/पॉडकास्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें भारद्वाज कथित तौर पर यह कहता दिखाई दे रहा कि उन्होंने उस दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ दिया था। वायरल क्लिप में ही भारद्वाज ने शेखी बघारते हुए कहा था कि यह हत्या के प्रयास का मामला है। लेकिन उसके ऊपर बड़े भाई कपिल मिश्रा का हाथ है। उसे गिरफ्तार किए जाने से पहले ही उनका फोन आ गया था। कपिल मिश्रा बीजेपी नेता हैं और 2020 के दिल्ली दंगों के विवाद में उनका नाम आया था। पोडकास्ट सामने आने के बाद नेता विपक्ष राहुल गांधी, सीजेपी ने पुलिस पर दबाव बनाया कि स्वतंत्र भारद्वाज पर कार्रवाई की जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब भारद्वाज खुद सार्वजनिक रूप से घटना में अपनी भूमिका की बात कह रहा है तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया।
पोडकास्ट की बातों से पलटा स्वतंत्र भारद्वाज
विवाद बढ़ने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने शुक्रवार को अपने वायरल बयान को लेकर सफाई दी। उसने कहा कि जंतर-मंतर पर जो हुआ वह हमला नहीं बल्कि आत्मरक्षा थी। उसका दावा है कि उसे 10-15 लोगों ने घेर लिया था और उसे डर था कि भीड़ उसे पीट सकती है या उनकी हत्या कर सकती है। उसके मुताबिक उसने आत्मरक्षा में कार्रवाई की और इसी दौरान संजय कुमार के सिर में चोट लगी। भारद्वाज ने यह भी कहा कि उनके पास घटना से संबंधित वीडियो प्रमाण हैं और वह पुलिस की चल रही जांच में सहयोग कर रहे हैं। उसने राजनीतिक प्रभाव के कारण जेल से बाहर रहने के आरोप को भी खारिज किया और कहा कि पॉडकास्ट में उसके कुछ बयान व्यंग्य या मजाक के तौर पर कहे गए थे।
स्वतंत्र भारद्वाज के राजनीतिक संपर्क
मामले को तब राजनीतिक रंग मिला है जब स्वतंत्र भारद्वाज की सोशल मीडिया गतिविधियों में बीजेपी और एनडीए से जुड़े कई प्रमुख नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आई हैं। एएलटी न्यूज और अन्य रिपोर्टों ने विशेष रूप से केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ उनकी तस्वीर का उल्लेख किया है। एएलटी न्यूज के अनुसार भारद्वाज ने 1 जुलाई को चिराग पासवान के साथ फोटो पोस्ट की थी। सोशल मीडिया पर सामने आई पोस्टों में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चैधरी, कपिल मिश्रा, चिराग पासवान और अन्य बीजेपी नेताओं के साथ भारद्वाज की तस्वीरों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि चिराग पासवान ने फौरन दूरी बनाई। उन्होंने संसद मार्ग थाने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ लिखित शिकायत दी और कहा कि यह युवक उनके नाम का दुरुपयोग कर रहा है। चिराग पासवान ने उस पर कार्रवाई की भी मांग की। स्वतंत्र भारद्वाज ने कुछ मुस्लिम महिलाओं के फोटो एआई से बनाकर उन्हें आपत्तिजनक ढंग से सोशल मीडिया पर वायरल किया।
दलित को पीटने वाला स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, 1 दिन का पुलिस रिमांड, समर्थन में प्रदर्शन
