नई दिल्ली।।(आवाज न्यूज ब्यूरो) दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान एक दलित छात्रा के पिता पर जानलेवा हमले में गिरफ्तार दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसी मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली हैबियस कॉर्पस याचिका भी खारिज कर दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर ने भारद्वाज की न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ा दी। इससे पहले शनिवार को उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत और रविवार को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
हाईकोर्ट में क्या हुआ?
स्वतंत्र भारद्वाज के पिता रणधीर कुमार झा की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की गई थी। याचिका में उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की गई थी। मामले की सुनवाई जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की पीठ ने की। भारद्वाज की ओर से अधिवक्ता उमेश शर्मा और दिल्ली पुलिस की ओर से अधिवक्ता संजय लाऊ पेश हुए। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता स्वाति खन्ना और ऋषव रंजन उपस्थित हुए।
भारद्वाज के वकील ने दलील दी कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और उन्हें रिहा किया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान यह मुद्दा भी उठाया गया कि क्या जिस एफआईआर के आधार पर भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया है, उसे सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर के आदेश के तहत खत्म किया जा चुका है। दिल्ली पुलिस ने इस दलील का विरोध करते हुए कहा कि संबंधित एफआईआर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द की गई एफआईआर में शामिल नहीं है। पुलिस ने यह भी बताया कि भारद्वाज को अदालत के आदेश के तहत हिरासत में रखा गया है। हाईकोर्ट ने अंततः हैबियस कॉर्पस याचिका खारिज कर दी। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि यदि आरोपी की हिरासत वैध न्यायिक आदेश के तहत है तो हैबियस कॉर्पस की मांग का आधार स्पष्ट नहीं है।
हाईकोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज की हैबियस कॉर्पस याचिका खारिज की, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
