‘‘विपक्ष को बदनाम करने के लिए बनवा रहे आपत्तिजनक वीडियो: भाजपा सरकार पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला’’
लखनऊ। (आवाज न्यूज ब्यूरो) । समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर मनमाने ढंग से काम करने, कानूनों के दुरुपयोग और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के शासन में लोगों को सवाल उठाने की आजादी नहीं है। यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का शासन-प्रशासन एक ईमानदार महिला पत्रकार की जान के पीछे सिर्फ इसलिए पड़ गया है क्योंकि उसने मुख्यमंत्री से सवाल करना चाहा था।
यादव ने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की गुंडा कानून लागू किए जाने को लेकर की गई टिप्पणियों का जिक्र किया और उन्हें बेहद गंभीर बताया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश में गुंडा अधिनियम के गलत इस्तेमाल पर कड़ी टिप्पणी करते हुए शुक्रवार को कहा कि यह कानून बेगुनाह लोगों को परेशान करने का जरिया नहीं बनना चाहिए। पीठ ने यह टिप्पणी जाहिद अली को गुंडा घोषित करने और छह महीने के लिए जिला बदर करने के गोंडा के जिलाधिकारी के आदेश को रद्द करते हुए की। यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में कानून और संविधान से काम नहीं हो रहा है। जब तक यह सरकार रहेगी कानून के तहत काम नहीं होगा। सरकार मनमर्जी से काम कर रही है और पुलिस को खुली छूट है। उन्होंने राज्य सरकार पर कानूनों के दुरुपयोग और लोगों को परेशान करने तथा विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष के नेताओं को बदनाम करने के लिए आपत्तिजनक वीडियो बनवा रही है। उच्च न्यायालय को इसका स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे वीडियो बनाने में शामिल एक अधिकारी के खिलाफ एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों का महिला आयोग को भी संज्ञान लेना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंचायत सहायक से लेकर जितने भी साथी और संगठन धरना प्रदर्शन कर रहे है, भाजपा सरकार ने उन सबको धोखा दिया है। यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बर्बाद कर दिया है, स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही चरम पर है। मरीज इलाज के लिए जाते है तो दवा दूसरी बीमारी की दे दी जाती है। उन्होंने कहा कि सपा के सत्ता में आने पर गांवों में रोजगार से जुड़ी विसंगतियों को दूर किया जाएगा, आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म की जाएगी और स्थायी रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नौकरियों में वेतन के अंतर को भी खत्म किया जाएगा।
यादव ने भाजपा सरकार पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लखनऊ के सरोजिनी नगर और कानपुर के औद्योगिक क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर सरकार बाहर से इतनी बड़ी मात्रा में सामान मंगाती रहेगी तो यहां का एमएसएमई क्षेत्र कैसे बचेगा? सपा प्रमुख ने भाजपा पर लोकतंत्र विरोधी होने का भी आरोप लगाया और कहा कि सरकार से सवाल करने पर लोगों को धमकाया और परेशान किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में लोगों को सवाल पूछने की आजादी होनी चाहिए। लेकिन भाजपा सरकार में अगर कोई गांव, शहर या स्कूल की समस्याएं उठाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
बाद में, सपा प्रमुख ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि नारी वंदन और स्वतंत्र पत्रकारिता दोनों को चुनौती देता उप्र भाजपा का शासन-प्रशासन एक ईमानदार महिला पत्रकार की जान के पीछे सिर्फ इसलिए पड़ गया है क्योंकि उसने मुख्यमंत्री से सवाल करना चाहा था। उन्होंने पोस्ट में कहा कि भाजपा पत्रकारों को मूक श्रोता बनाना चाहती है। यादव ने पोस्ट में यह भी कहा कि तानाशाही और दानाशाही को चुनौती देने वाली साहसिक पत्रकारिता की आवाज अब और नहीं दबाई जा सकती है। सपा प्रमुख ने कहा कि पत्रकारों का अगर कोई संगठन सक्रिय हो तो वो संज्ञान ले और महिला आयोग भी। यादव ने एक्स पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक महिला पत्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संवाददाता सम्मेलन के बाद वहां से जाते समय उनसे सवाल पूछने की कोशिश करती नजर आ रही हैं। महिला पत्रकार यह कहते हुए दिख रही हैं कि उन्होंने विपक्षी दलों से भी सवाल पूछे थे और वह किसी दल के कहने से पत्रकार वार्ता में नहीं आई हैं। आदित्यनाथ ने शनिवार को भाजपा के राज्य मुख्यालय में पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चैधरी के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री से सवाल करने पर महिला पत्रकार की जान के पीछे पड़ गया भाजपा का शासन-प्रशासन: अखिलेश यादव
