रैंकिंग में गिरावट वाले विभाग कल तक कारण सहित उपलब्ध कराएं आख्या, दो माह में ठोस सुधार लाने के निर्देश
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में विकास प्राथमिकता, दर्पण पोर्टल/मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एवं आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अगस्त 2026 की मुख्यमंत्री डैशबोर्ड रैंकिंग एवं विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार विकास कार्यों में जनपद की रैंक 49वीं तथा राजस्व कार्यों में 60वीं आने पर जिलाधिकारी ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि रैंकिंग में गिरावट को किसी भी दशा में सामान्य अथवा स्वीकार्य नहीं माना जाएगा। संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए परिणाम में सुधार सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य विभाग की गिरती रैंकिंग पर जताई नाराजगी
स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अपेक्षित प्रगति न होने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कड़े निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए।
फैमिली आईडी में खराब प्रदर्शन पर अधिकारियों को फटकार
फैमिली आईडी की समीक्षा में जनपद की स्थिति अत्यंत कमजोर पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि फैमिली आईडी सहित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारी किसी दूसरे अधिकारी अथवा अधीनस्थ कर्मचारी पर थोपने के बजाय स्वयं कार्य की मॉनिटरिंग करें।
उन्होंने कहा, “आप सभी जिला स्तरीय अधिकारी हैं। कार्य होगा, ऐसी सोच से काम नहीं चलेगा। कार्य निर्धारित समय में, गुणवत्तापूर्ण और परिणाम के साथ पूरा होना चाहिए। प्रत्येक दशा में जनता से जुड़े कार्य लंबित नहीं रहने चाहिए।”
सड़क निर्माण में खराब रैंकिंग पर पीडब्ल्यूडी को कड़े निर्देश
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में नई सड़कों के निर्माण को मात्र 3/10 अंक एवं सी ग्रेड मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में अनावश्यक विलंब, लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रत्येक निर्माणाधीन सड़क की भौतिक प्रगति एवं गुणवत्ता की नियमित जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
जल निगम की रोड कटिंग पर अधिशासी अभियंता की सीधे जिम्मेदारी तय
जिलाधिकारी ने जल निगम द्वारा पाइपलाइन/नल कनेक्शन संबंधी कार्यों में रोड कटिंग के बाद सड़कों की स्थिति तथा कार्य पूर्ण कराने की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि संबंधित कार्यदायी संस्था की लापरवाही पर केवल संस्था के विरुद्ध कार्रवाई तक सीमित न रहें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि अब भी सुधार नहीं होता है तो अधिशासी अभियंता जल निगम की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाए, क्योंकि कार्यदायी संस्था से समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य कराना संबंधित विभागीय अधिकारी का दायित्व है।
दर्पण पोर्टल की रैंकिंग में गिरावट पर तत्काल सुधार के निर्देश
जिलाधिकारी ने डीडी कृषि, मनरेगा, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास सहित अन्य विभागीय योजनाओं की दर्पण पोर्टल पर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों की रैंकिंग में गिरावट आई है, उनकी पूरी सूची तत्काल तैयार कर संबंधित अधिकारियों से गिरावट का कारण, वर्तमान स्थिति एवं सुधार की कार्ययोजना सहित आख्या प्राप्त की जाए।
उन्होंने कहा कि रैंकिंग केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली और जनता को मिल रही सेवाओं का प्रतिबिंब है। इसलिए अधिकारी पोर्टल पर आंकड़े सुधारने के बजाय धरातल पर कार्य की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
“कोऑपरेटिव और खाद की तरह हर विभाग में हो डेली मॉनिटरिंग”
जिलाधिकारी ने कहा कि जिस प्रकार सहकारिता एवं खाद की उपलब्धता/वितरण की नियमित दैनिक मॉनिटरिंग से बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं, उसी प्रकार प्रत्येक विभाग को अपनी योजनाओं की डेली मॉनिटरिंग करनी होगी।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा, “पहले से रैंक में नीचे हैं और लगातार गिर रहे हैं तो यह अत्यंत गंभीर स्थिति है। आप सभी अच्छे पदों पर बैठे हैं और आपके पास पर्याप्त अधिकार एवं संसाधन हैं। प्रत्येक दशा में कार्य होना चाहिए और उसका परिणाम दिखाई देना चाहिए।”
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले दो माह पूरी गंभीरता से अभियान चलाकर कमजोर योजनाओं की रैंकिंग में ठोस सुधार लाया जाए। प्रत्येक अधिकारी अपनी विभागीय योजनाओं की दैनिक प्रगति स्वयं देखें तथा अनावश्यक रूप से अधीनस्थों पर निर्भर न रहें।
आईजीआरएस प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस प्रकरणों पर विशेष फोकस करते हुए निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित न रहे। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान कराते हुए निस्तारण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक अधिकारी लंबित एवं समय-सीमा वाले प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें और शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।
अधिकारी जनपद में रुककर करें कार्य
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनपद में रुककर कार्य करें और प्रतिदिन आने-जाने की प्रवृत्ति से बचें। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए अधिकारी का क्षेत्र में उपलब्ध रहना आवश्यक है। निर्धारित दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही अथवा अनावश्यक अनुपस्थिति पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि “जनता को परिणाम चाहिए, बहाने नहीं। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, लक्ष्य तय करें और उसे हर हाल में समय से पूरा करें।”
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार श्रीवास, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास चंद्रा, जिला विकास अधिकारी, पीडी डीआरडीए, डीसी एनआरएलएम, डीसी मनरेगा, उपायुक्त उद्योग सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
