लखनऊ। (आवाज न्यूज ब्यूरो) । सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय भाजपाई आपातकाल से गुजर रहा है। इसके साथ ही अखिलेश ने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्गों के खिलाफ अत्याचार और आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई का आरोप लगाया। एक संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश ने कहा कि जिस अवधि में पीडीए को अत्याचारों का सामना करना पड़ रहा है या कराया जाएगा, उसे आपातकाल कहा जा सकता है।
यूपी के मुख्यमंत्री रह चुके अखिलेश ने 1975 के आपातकाल का विरोध करने वालों को लोकतंत्र सेनानी बताते हुए कहा कि ऐसे कई लोग बृहस्पतिवार को सपा मुख्यालय में उनसे मिले और अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों के महत्वपूर्ण सुझाव लागू किए जाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर उनका मानदेय बढ़ाकर 51,000 रुपये किया जाएगा। साथ ही सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य, इलाज और दवाओं के विशेष इंतजाम तथा मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर सम्मान और ट्रेन एवं बस किराए में छूट की मांगों को पार्टी के घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने गोरखपुर में जलभराव की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने वाले एक युवक के खिलाफ कथित कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि युवक के खिलाफ गुंडा एक्ट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों द्वारा सच्चाई दिखाने पर भी कार्रवाई की जा रही है। देश में 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए अखिलेश ने कहा कि उस समय भ्रष्टाचार और महंगाई चरम पर थी और इन्हीं मुद्दों ने लोगों को सड़कों पर उतारा। उन्होंने कहा कि आज भी महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी चरम पर हैं। यादव ने कहा, हम लोकतंत्र बचाएंगे, हम संविधान बचाएंगे।
‘भाजपाई आपातकाल’ से गुजर रहा है देश एवं प्रदेश में सामाजिक न्याय: अखिलेश यादव
