लखनऊ। (आवाज न्यूज ब्यूरो) । सपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घोषणा की कि समाजवादी सरकार बनने पर सरकारी नौकरियों की गारंटी होगी। नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी। वार्षिक परीक्षा भर्ती का कैलेंडर बनेगा। पेपरलीक रोकने के लिए विशेष बल रहेगा और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही होगी। शिक्षकों के लिए अच्छे प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। आउटसोर्सिंग को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया जाएगा। पक्की नौकरियां दी जाएगी।
अखिलेश यादव डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क, गोमती नगर लखनऊ में ‘पीडीए संकल्प-शिक्षक-अभ्यर्थी संवाद, अखिलेश के साथ‘ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आए छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और अभ्यर्थियों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बिना नौकरी और रोजगार के कोई भी अर्थव्यवस्था बढ़ नहीं सकती है। अभी शिक्षा और रोजगार के बीच कोई समन्वय नहीं है। परीक्षाओं के पेपर लीक नहीं होते हैं, बल्कि कराए जाते है। समाजवादी सरकार में पेपरलीक पर कड़ाई से बंदिश रहेगी। विश्वविद्यालय एक विचारधारा के अड्डे बना दिए गए है। विश्वविद्यालयों में सुधार की जरूरत होगी। अखिलेश यादव ने कार्यक्रम के आयोजकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि कार्यक्रम स्थल डॉ. राममनोहर लोहिया पार्क नेताजी मुलायम सिंह यादव ने बनवाया था। 5 हेक्टेयर में बने इस पार्क के निर्माण के दौर में एक भी पेड़ काटा नहीं गया। उन्हें स्थानांतरित किया गया। यहां लगी घड़ी आज भी सही समय बता रही है। सपा राज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे बेहतरीन बना, जबकि भाजपा राज में बना गंगा एक्सप्रेस-वे में मछलियां तैरती है। सपा प्रमुख ने इस अवसर पर कई कोचिंग संचालकों को सम्मानित किया। पूर्व मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन भी मौजूद रहे।
इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करना हमारा फर्ज
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है, उससे बड़ी बात यह है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो। उन्होंने कहा कि फिर दोहराते हैं, बात सीट की नहीं जीत की है। उन्होंने कहा कि यह जीत हमारे गठबंधन के दलों से बढ़कर हम सबकी उस संयुक्त कोशिश की जीत होगी जो इसलिए लगातार संघर्षरत है कि सांप्रदायिकता फिर कभी सिर न उठा सके। सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सरकार पर बड़ा राजनीतिक प्रहार किया है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक 50 सूत्रीय बयान में अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक विफलता, भ्रष्टाचार, किसान-युवाओं की उपेक्षा और सामाजिक असमानता जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मंदिर में चोरी करवाने वाले और चढ़ावा चोरी में लिप्त भाजपा नेताओं की झूठी बातों पर अब उत्तर प्रदेश की जनता को कोई भरोसा नहीं रह गया है। अखिलेश ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग जनहित के बजाय केवल अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मुकदमों को हटवाने में व्यस्त हैं। उन्होंने सरकार पर संविधान का विरोध करने, बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों को क्षति पहुंचाने और पूज्य शंकराचार्य तक पर भद्दे आरोप लगवाने के गंभीर आरोप लगाए। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस का दावा पूरी तरह शून्य हो चुका है। हिरासत में मौतों के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, आईपीएस अधिकारी फरार हो रहे हैं और थानों पर छापे पड़ रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे, पुलों और मंदिरों के निर्माण के नाम पर भारी कमीशनखोरी की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के किसान, युवा, व्यापारी और पीडीए समाज की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आवारा पशुओं से फसल की तबाही, खाद-बिजली की किल्लत, 69000 शिक्षक भर्ती व सैन्य भर्तियों में धांधली और पुरानी पेंशन की मांग कर रहे कर्मचारियों की प्रताड़ना से हर वर्ग त्रस्त है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन की आपसी खींचतान और अंदरूनी राजनीतिक लड़ाई ने प्रदेश के विकास को पूरी तरह ठप कर दिया है।
इंडिया गठबंधन जीते यह हमारा लक्ष्य: यह फर्क नहीं पड़ता कि कौन सी सीट किस दल के पास जाएगी: अखिलेश यादव
