नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । तेलंगाना में मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए कथित तौर पर फर्जी फॉर्म 7 दाखिल किए जाने के मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई है। हैदराबाद के चिक्कड़पल्ली थाने में भाजपा के एक बूथ लेवल एजेंट के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। आरोप है कि उसने मुशीराबाद विधानसभा क्षेत्र के 30 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म 7 जमा करने की कोशिश की। ये सभी मतदाता मुस्लिम बताए गए हैं। यह कार्रवाई राज्य में मतदाता सूची के एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया खत्म होने से एक दिन पहले हुई है।
भाजपा के एजेंट पर क्यों हुई एफआईआर?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने भाजपा के एस. बालचंदर के खिलाफ मुशीराबाद के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी टी. प्रवीण कुमार रेड्डी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में कथित तौर पर सामने आया कि बालचंदर ने जिन फॉर्म 7 को जमा करने की कोशिश की, उनमें संबंधित मतदाताओं के नाम पहले से प्रिंट थे। भाजपा के राजनीतिक विरोधियों ने इन प्री-प्रिंटेड फॉर्म को पार्टी कार्यालय से ‘केंद्रीय रूप से तैयार’ किए जाने का सबूत बताया है। हैदराबाद के बहादुरपुरा और गोशामहल विधानसभा क्षेत्रों से भी मतदाताओं की जानकारी पहले से प्रिंट किए गए ऐसे ही फॉर्म सामने आने की बात कही गई है।
बीएलओ ने फॉर्म लेने से किया इनकार, परिसर में छोड़कर चला गया
एफआईआर के मुताबिक, बालचंदर 28 सितंबर 2026 को मतदान केंद्र संख्या 210 के बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के पास 30 प्री-प्रिंटेड फॉर्म 7 लेकर पहुंचा था। आरोप है कि इन फॉर्म के जरिए ऐसे मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई, जिनसे उसका कोई संबंध नहीं था। एफआईआर में कहा गया है कि बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर ने इन फॉर्म को लेने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद बीजेपी के बीएलए ने बार-बार फॉर्म लेने का अनुरोध किया। जब फॉर्म स्वीकार नहीं किए गए तो बालचंदर उन्हें बीएलओ के परिसर में छोड़कर वहां से चला गया।
जांच में 30 लोगों को मुशीराबाद का निवासी पाया गया
अधिकारियों के मुताबिक, 1 अक्टूबर को व्यक्तिगत स्तर पर फील्ड वेरिफिकेशन किया गया। इसमें पाया गया कि जिन 30 लोगों के नाम फार्म 7 के जरिए हटाने के लिए दिए गए थे, वे सभी हैदराबाद के मुशीराबाद के निवासी हैं। इसी आधार पर एफआईआर में कहा गया कि संबंधित फॉर्म 7 स्वीकार नहीं किए जा सकते और उन्हें खारिज किया जाना चाहिए। इन 30 लोगों में कांग्रेस का एक बीएलए भी शामिल बताया गया है।
किन धाराओं में केस दर्ज?
बालचंदर के खिलाफ बीएनएस की धारा 217 और 318(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं सरकारी अधिकारी को गलत जानकारी देने और धोखाधड़ी से संबंधित हैं। इसके अलावा जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 भी लगाई गई है।
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