कन्नौज: अवैध कब्जे से परेशान बुजुर्ग पानी की टंकी पर चढ़ा

13 साल से कर रहा था शिकायत, अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा देकर उतारा

बृजेश चतुर्वेदी 

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । जिले में चकरोड से अवैध कब्जा हटवाने के लिए 13 साल से अधिकारियों के चक्कर काट रहे बुजुर्ग का सब्र जवाब दे गया। शिकायतों पर सुनवाई न होने से परेशान बुजुर्ग विकास भवन परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गया। उसे टंकी पर चढ़ा देखकर परिसर में हड़कंप मच गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार और सीओ सिटी ने बुजुर्ग को समझाया और कार्रवाई का भरोसा देकर किसी तरह नीचे उतारा।

ये मामला छिबरामऊ तहसील क्षेत्र के बेहटा गांव का है। गांव निवासी बुजुर्ग रतिराम का आरोप है कि गांव के चकरोड पर कुछ दबंगों ने करीब 13 साल से अवैध कब्जा कर रखा है। चकरोड बंद होने के कारण खेतों तक आने-जाने का रास्ता बाधित हो गया है। इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार तहसील से लेकर जिला प्रशासन तक शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।

रतिराम का कहना है कि वह लेखपाल से लेकर तहसीलदार के कार्यालय तक लगातार चक्कर काटते रहे, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन ही मिला। लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे बुजुर्ग ने आखिरकार अपनी समस्या की ओर अधिकारियों का ध्यान खींचने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ने का कदम उठाया।

दबंगों के डर से ग्रामीण नहीं उठाते आवाज

बुजुर्ग का आरोप है कि दबंगों के डर से गांव के लोग भी इस मामले में आवाज उठाने से कतराते हैं। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद चकरोड से कब्जा नहीं हटाया गया।

घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार अवनीश कुमार और सीओ सिटी सुरेश कुमार विकास भवन परिसर पहुंचे। अधिकारियों ने बुजुर्ग से बातचीत कर उसकी समस्या सुनी और कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

रतिराम ने चेतावनी दी कि यदि चकरोड से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया तो वह आत्महत्या कर लेंगे। 13 साल से रास्ते पर कब्जे और लगातार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने के उनके आरोप ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।