लखनऊ।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर भाजपा पर तंज कसा है। उन्होंने ‘बारह साल, बारह सवाल’ शीर्षक से बैंकिंग व्यवस्था को लेकर 12 सवाल उठाए। अखिलेश ने बैंकों की मजबूती के दावों के बीच बैंक शाखाओं और एटीएम बंद होने, ग्राहकों के खातों से कटौती, साइबर ठगी और कर्ज से जुड़ी समस्याओं पर सवाल किए।
- बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर बेचे क्यों जा रहे हैं?
- बैंक मजबूत हुए हैं तो ग़रीब जनता के खाते से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं?
- बैंक मजबूत हुए हैं तो बार-बार केवाईसी के नाम पर जनता के पैसे देने से इंकार क्यों किया जा रहा है?
- बैंक मजबूत हुए हैं तो उन लोगों को पकड़कर देश में लाकर सज़ा क्यों नहीं दी जा रही है, जो बैंको से खरबों का लोन लेकर भाग गये हैं?
- बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर ग्रामीण इलाकों में ब्रांच और। ज्ड बंद करके जनता को कैश के लिए क्यों भटकाया जा रहा है?
- बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को बिना बिचैलिये और बिना गारंटर के लोन क्यों नहीं मिल रहा है?
- बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर साइबर ठगी का शिकार हुए गरीब आदमी का पैसा तुरंत वापस क्यों नहीं होता, उसे थाने और बैंक के चक्कर क्यों कटवाए जाते हैं?
- बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर होम लोन और शिक्षा लोन पर ब्याज इतना ज़्यादा क्यों है कि आम आदमी की कमर टूट रही है?
- बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर डिजिटल ट्रांजेक्शन फेल होने पर जनता का पैसा कई-कई दिन तक होल्ड पर क्यों रखा जा रहा है?
- बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर ब्प्ठप्स् स्कोर में छोटी सी चूक पर नौजवानों को डिफॉल्टर बताकर उनका भविष्य क्यों खराब किया जा रहा है?
- बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर बुजुर्गों और अनपढ़ लोगों को न्च्प् और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए हर ब्रांच में सहायता काउंटर क्यों नहीं है?
- बैंक मजबूत हुए हैं तो बैंक कर्मियों की जायज़ माँगे क्यों नहीं मानी जा रही हैं और बैंकों में नई भर्ती क्यों नहीं हो रही और मौजूदा कर्मचारियों पर इतना दबाव क्यों है कि ग्राहक सेवा ही चैपट हो रही है?
अखिलेश यादव ने पूछा कि अगर बैंक मजबूत हुए हैं तो उन्हें बेचा क्यों जा रहा है और गरीब जनता के खातों से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं? उन्होंने केवाईसी के नाम पर ग्राहकों को परेशान किए जाने और बैंकों से भारी कर्ज लेकर विदेश भागने वालों को वापस लाकर सजा दिलाने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का मुद्दा उठाया
सपा प्रमुख ने ग्रामीण इलाकों में बैंक शाखाएं और एटीएम बंद किए जाने पर सवाल करते हुए कहा कि इससे लोगों को नकदी के लिए भटकना पड़ता है। उन्होंने किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को बिना बिचैलिये और गारंटर के कर्ज मिलने में आने वाली मुश्किलों का मुद्दा भी उठाया।
साइबर ठगी और महंगे लोन पर सवाल
अखिलेश यादव ने साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों को पैसा वापस मिलने में देरी और बैंक व थानों के चक्कर लगाने की परेशानी का जिक्र किया। उन्होंने होम लोन और शिक्षा ऋण पर ब्याज दरों को लेकर भी सवाल उठाए। इसके अलावा डिजिटल लेनदेन विफल होने पर ग्राहकों का पैसा कई दिनों तक अटके रहने और सिबिल स्कोर में छोटी चूक के कारण युवाओं को कर्ज लेने में होने वाली दिक्कतों पर सवाल किया।
बुजुर्गों की मदद और बैंक कर्मचारियों की भर्ती का मुद्दा
अखिलेश ने पूछा कि बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को यूपीआई और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए हर बैंक शाखा में सहायता काउंटर क्यों नहीं हैं। उन्होंने बैंक कर्मचारियों की मांगें पूरी न होने, नई भर्तियां नहीं होने और मौजूदा कर्मचारियों पर बढ़ते काम के दबाव का मुद्दा भी उठाया। सपा अध्यक्ष के इन 12 सवालों के केंद्र में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता, ग्राहकों की सुरक्षा, कर्ज की सुविधा और कर्मचारियों की स्थिति जैसे मुद्दे रहे। उनकी पोस्ट में बैंकिंग व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगते हुए भाजपा पर राजनीतिक निशाना साधा गया है।
