यूपी कांग्रेस ने सपा को सौंपी 175 सीटों की लिस्ट: अखिलेश 55 सीटें देने के पक्ष में

लखनऊ।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए सपा और कांग्रेस में आखिरकार सीट बंटवारे पर चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस की ओर से शुरुआती तौर पर 175 सीटों की लिस्ट समाजवादी पार्टी को सौंपी गई है। यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र गौतम ने बताया कि लिस्ट सपा के नेताओं को सौंप दी गई है, जल्द ही दोनों पार्टियों के बीच इस पर आगे की चर्चा के लिए बैठक होगी।
गौतम ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, मैं आपको सटीक नंबर तो नहीं बता सकता। लेकिन हमने 175 से 200 सीटों की लिस्ट दी है। गौतम के बयान ने साफ कर दिया कि कांग्रेस सपा के साथ गठबंधन के लिए तैयार है। उन्होंने कहा- दोनों पार्टियों के नेता बैठक में सीट शेयरिंग पर बात करेंगे और फाइनल मुहर लगाएंगे।
सपा कांग्रेस की मांग पर सहमत नहीं
उधर, समाजवादी पार्टी कांग्रेस की 175 से 200 सीटों की मांग पर सहमत नहीं दिखती। पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि यूपी में कांग्रेस की इतनी सीटों पर राजनीतिक ताकत नहीं है। सपा के एक सीनियर नेता ने कहा- मुझे लगता है कि हमारे नेता अखिलेश यादव ने साफ कहा है कि चुनाव लड़ने की एकमात्र पात्रता जीतने की क्षमता है। कोई भी कुछ भी मांग सकता है। लेकिन राजनीति में समाधान तक पहुंचने के लिए, आपको दिखावे से ऊपर उठना होगा। सपा का कांग्रेस की मांग पर सहमत न दिखने की वजह आंकड़े भी हैं। कांग्रेस आखिरी बार यूपी में 1989 में सत्ता में आई थी। इसके बाद से पार्टी का ग्राफ लगातार नीचे गिर रहा है।
अखिलेश यादव ने क्या कहा
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि हम सबका लक्ष्य बीजेपी को सत्ता से हटाना है और गठबंधन पर बातचीत आगे बढ़ रही है। अखिलेश ने कहा- कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडिया ब्लॉक को मजबूत करना होगा। हम सभी का लक्ष्य ठश्रच् को सत्ता से बाहर करना है। भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए हम लोगों को समझाएंगे और ऐसा करके दिखाएंगे। गठबंधन भाजपा को हराने के लिए प्रभावी ढंग से आगे बढ़ेगा।
कांग्रेस का 2022 और 2024 में कैसा रहा प्रदर्शन
कांग्रेस 2022 विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरी थी। पार्टी ने सिर्फ 2 सीट पर जीत हासिल की। वहीं, 2017 में पार्टी को 7 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, 2024 लोकसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस सपा के साथ गठबंधन में 17 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इनमें से 6 पर पार्टी को जीत मिली थी। सपा 37 सीटें और बीजेपी 33 सीटें जीती थी। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा- 2024 लोकसभा चुनाव इस बात का सबूत है कि सपा और कांग्रेस मिलकर प्रभाव डाल सकती हैं। राजनीति में लेन देन की गुंजाइश होनी चाहिए।
कांग्रेस ने यूपी में किया नेतृत्व परिवर्तन
कांग्रेस ने हाल ही में अजय राय की जगह अराधना मिश्रा मोना को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। माना जा रहा है कि सपा के साथ आसानी से सीट-बंटवारे के लिए यह कदम उठाया गया है। बताया जा रहा है कि अजय राय चुनाव से पहले गठबंधन के पक्ष में नहीं थे, वे चुनाव के बाद गठबंधन करना चाहते थे। वहीं, अराधना मिश्रा के सपा नेतृत्व के साथ अच्छे संबंध बताए जाते हैं। यही वजह है कि चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस ने यूपी में नेतृत्व परिवर्तन किया है। इससे पहले प्रियंका गांधी ने यूपी कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक की थी। इस मीटिंग में 403 सीटों वाले यूपी की करीब 175 सीटों पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने इन सीटों को तीन कैटेगरी ए, बी और सी में बांटा है। ए में 100, बी में 40-50 और सी में 25-35 सीटें हैं। कांग्रेस सीटों को लेकर अपनी लिस्ट लोकसभा चुनाव 2024 और विधानसभा चुनाव 2017 के आधार पर बना रही है। पार्टी उन सीटों को चुन रही है, जहां इन चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया था। पार्टी का लक्ष्य है कि हर लोकसभा क्षेत्र में कम से कम एक सीट पर चुनाव लड़ा जाए।