रिश्तों में संतुलन का संकट : भावनाओं के शोषण की सामाजिक सच्चाई
– डॉ. प्रियंका सौरभ ‘नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) मनुष्य का जीवन रिश्तों के ताने-बाने से ही आकार लेता है। परिवार, मित्रता, प्रेम, सहयोग और सामाजिक संबंध—ये सभी हमारे अस्तित्व को अर्थ प्रदान करते हैं। किंतु आज के समय की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि रिश्तों में संवेदनशीलता की जगह स्वार्थ ने ले ली है और…

