अरावली चौराहे पर : जब परिभाषा तय करती है भविष्य- डॉ सत्यवान सौरभ
– नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) लोकतांत्रिक व्यअरावली पर्वतमाला, जो विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है, पश्चिमी भारत में एक मौन पारिस्थितिक प्रहरी के रूप में सदियों से खड़ी रही है। गुजरात से राजस्थान होते हुए हरियाणा और दिल्ली तक फैली यह शृंखला भूजल पुनर्भरण, मरुस्थलीकरण पर नियंत्रण, जलवायु संतुलन तथा धूल…

