जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

फर्रुखाबाद।।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।  जिले में लगातार एक माह से अधिक बाढ़ का पानी भरा होने के कारण आम जनमानस का जीवन अस्त व्यस्त हो गया। जिसके चलते खाने पीने की समस्या से लेकर जानवरों के चारे का भी संकट मंडराने लगा। लेकिन प्रशासन के द्वारा लगातार बढ़ क्षेत्र का दौरा किया जा रहा है। आज…

तरक़्क़ी के शहर, अकेलेपन के घर

सबसे बड़ी चुनौती है सामुदायिक बंधनों का क्षरण। गाँवों में जहाँ पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बीच गहरे संबंध होते हैं, वहीं शहरों में रहने वाले लोग अक्सर अनजानेपन और दूरी का अनुभव करते हैं। गेटेड सोसाइटी और उच्च-आय वर्गीय कॉलोनियों ने  सामाजिक जीवन को खंडित कर दिया है। लोग अपने छोटे-से घेरे में सिमट जाते…

जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव को मिला ’धर्मनिरपेक्ष भारत राष्ट्ररत्न सम्मान 2025’

‘‘फर्रुखाबाद युवा महोत्सव समिति ने दस अध्यापकों को किया सम्मानित‘‘फर्रुखाबाद। (आवाज न्यूज ब्यूरो) फर्रुखाबाद युवा महोत्सव समिति द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष फर्रुखाबाद मोनिका यादव को धर्म निरपेक्षता एवं देश की अखण्डता के लिए किये गये उत्कृष्ट कार्यों के लिए ’धर्मनिरपेक्ष भारत राष्ट्र रत्न सम्मान 2025 प्रदान किया गया। यह सम्मान समिति अध्यक्ष डॉ० संदीप शर्मा ने…

सीपी इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षक दिवस पर भव्य आयोजन

फर्रुखाबाद। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। सीपी इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सीपी विद्यालय समूह की निदेशक डॉ. मिथिलेश अग्रवाल ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री संजय बिष्ट ने निदेशक डॉ. मिथिलेश अग्रवाल एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती…

कन्नौज : गंगा फिर उफान पर, नरौरा बांध से छोड़ा गया 186672 क्यूसेक पानी

बृजेश चतुर्वेदी कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। पिछले चार दिनों से गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने लगे गया। इससे कटरी क्षेत्र की करीब 1 हजार बीघा से अधिक खेत जलमग्न हो गए। जिन खेतों में फसलें थीं, वह नष्ट होने लग गईं। कासिमपुर और बख्शीपुरवा गांव में पानी भर गया। जिससे हालात मुश्किल होते जा रहे। नरौरा…

शिक्षक दिवस विशेष  : किताबों से स्क्रीन तक : बदलते समय में गुरु का असली अर्थ

(ज्ञान के साथ संस्कार और संवेदनशीलता ही शिक्षक की सबसे बड़ी पहचान है)  डिजिटल युग में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। किताब से लेकर स्क्रीन तक की यह यात्रा ज्ञान तो दे रही है, लेकिन संस्कार और मानवीय मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं। ऐसे समय में शिक्षक का महत्व और भी…

राष्ट्रीय साहित्यान्चल सम्मान हेतु डॉ. प्रियंका सौरभ और डॉ. सत्यवान सौरभ का चयन

“देश-विदेश में सक्रिय लेखन, 27 पुस्तकों के रचयिता साहित्यकार दंपत्ति का साहित्यान्चल सम्मान हेतु चयन” (हिसार, सिवानी मंडी)  भीलवाड़ा, राजस्थान – औद्योगिक नगरी के साथ-साथ साहित्य साधना की धरा बन चुके भीलवाड़ा से एक  महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है। साहित्यांचल संस्था द्वारा घोषित परिणामों में सिवानी मंडी के गाँव बड़वा के साहित्यकार दंपत्ति डॉ. प्रियंका…

लगातार बारिश, बढ़ते खतरे और हमारी जिम्मेदारी

“बारिश केवल राहत नहीं, जिम्मेदारी की भी परीक्षा है — बिजली से सावधानी, घर में रहकर सुरक्षा और समाज में जागरूकता ही सच्चा बचाव है।” लगातार बारिश ने जनजीवन को चुनौती दी है। बिजली की लाइनें, खंभे और खुले तार मौत का जाल बन सकते हैं, वहीं पानी से भरी सड़कें और नालियां दुर्घटनाओं को…

खतरनाक मौसम में भी स्कूल खुले क्यों?

“बच्चों की सुरक्षा बनाम औपचारिकता का सवाल: जर्जर स्कूल भवन, प्रशासन की संवेदनहीनता और बाढ़-गंदगी के बीच पढ़ाई नहीं, जीवन की रक्षा पहली प्राथमिकता – आपदा में भी आदेशों की राजनीति क्यों?” बारिश और बाढ़ की स्थिति में बच्चों और शिक्षकों को स्कूल बुलाना उनकी जान से खिलवाड़ है। जर्जर इमारतें, गंदगी, जलभराव और यातायात…

शिक्षा का बाज़ार और कोचिंग की बढ़ती निर्भरता

जब विद्यालय शिक्षण का केंद्र नहीं रहते, तो शिक्षा व्यापार बन जाती है। हर तीसरा स्कूली छात्र प्राइवेट कोचिंग ले रहा है। शहरी परिवार औसतन 3988 रुपये सालाना कोचिंग पर खर्च कर रहे हैं। ग्रामीण परिवार औसतन 1793 रुपये सालाना खर्च करते हैं। विद्यालयों की शिक्षण गुणवत्ता कमजोर होने से अभिभावक मजबूर हैं। कोचिंग से…