न्यायालय की चेतावनी और समाज का आईना
डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। “लव जिहाद” — एक ऐसा शब्द जो न तो भारतीय क़ानून में परिभाषित है, न संविधान में मान्यता प्राप्त, लेकिन फिर भी राजनीतिक मंचों, टीवी डिबेट्स और सड़कों पर सुनाई देने लगा है। अब यह बहस हरियाणा तक भी पहुँच चुकी है, और अदालतों तक भी। हाल ही…

