मोदी जी सेल्समैन हैं और सिंदूर के सौदागर : आप सांसद संजय सिंह का तंज

‘‘आप मर जाइए, आपके नाम पर वोट मिल सकता है वो उसको बेच लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक निर्मम इंसान हैं।‘‘
नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।
 आप सांसद संजय सिंह ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत का प्रधानमंत्री कैसे कह सकता है कि हमारी रगों में गरम सिंदूर दौड़ रहा है। आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी जी सेल्समैन हैं, भारत के प्रधानमंत्री नहीं हैं। आप मर जाइए, आपके नाम पर वोट मिल सकता है वो उसको बेच लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक निर्मम इंसान हैं। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौत के नाम पर, हत्या के नाम पर, आतंकवाद के नाम पर और वो जवानों की मौत के नाम पर वोट लेना जानते हैं। वो सिंदूर के सौदागर हैं, वो सिंदूर के सेल्समैन हैं। ये बात आज उन्होंने साबित की है कि एक तरफ ऑपरेशन सिंदूर जारी है, एक तरफ वो चार आतंकवादी आज भी खुले घूम रहे हैं, जो हमारी बहनों के सिंदूर उजाड़ने के लिए जिम्मेदार हैं। भारत का प्रधानमंत्री कैसे कह सकता है कि हमारी रगों में गर्म सिंदूर दौड़ रहा है। क्या उन आतंकवादियों को मारा है? उनके खिलाफ कार्रवाई की आपने? बहनों के सिंदूर उजड़ गए और आप उस पर मार्केटिंग कर रहे हैं।”
पीएम मोदी के बयान पर साधा निशाना
दरअसल, राजस्थान के बीकानेर में पीएम मोदी ने गुरुवार (22 मई) को ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, “अब तो मोदी की नसों में लहू नहीं गर्म सिंदूर बह रहा है।” पीएम मोदी के इसी बयान पर संजय सिंह ने निशाना साधते हुए ये बातें कही। वक्फ कानून का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। इस पर संजय सिंह ने कहा कि ये वक्फ बिल पूरी तरीके से गैरसंवैधानिक है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी का काम देश में नफरत फैलाना है। जमीनों को कब्जा करके अपने दोस्तों को देना तो मोदी जी का यही काम है। मैं वक्फ बिल की जेपीसी में भी था। ये गैरसंवैधानिक है। गैरसंवैधानिक क्यों है क्योंकि बाबा साहेब ने भारत का जो संविधान लिखा उसमें आर्टिकल 25, 26 से लेकर 29 तक ये अधिकार दिया है कि सभी धर्म के लोगों के लिए उनकी धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से पूजा-अचर्ना, उपासना और इबादत करने की आजादी होगी।”
‘सर्वोच्च न्यायालय से भी अच्छा फैसला आएगा’
संजय सिंह ने कहा, “अपनी धार्मिक संपत्तियों का मैनेजमेंट खुद उस धर्म के लोग करेंगे तो आप कौन होते हैं उसमें घुसने वाले, आप कौन होते हैं उसको लेकर गैरसंवैधानिक कानून बनाने वाले? इसलिए हम इस वक्फ बिल का विरोध कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि सर्वोच्च न्यायालय से भी अच्छा फैसला आएगा।”