बच्चों, महिलाओं और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए सपा सड़क पर उतरी

फर्रुखाबाद। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। सपा नेतृत्व के निर्देशानुसार आज समाजवादी पार्टी की महिला सभा एंव मजदूर सभा के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में सड़क पर उतरकर स्कूलों को बंद करने एंव श्रमिक अधिकारों की अनदेखी के विरोध में धरना प्रदर्शन कर द्वारा जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को महामहिम राज्यपाल संबोधित ज्ञापन सौंपा।

   अपर जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को सौंपे गए ज्ञापन में समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष सुलक्षणा सिंह ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्राथमिक विद्यालयों को बंद करके भाजपा पीडीए परिवार के गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की साजिश कर रही है ये न सिर्फ शिक्षा का अधिकार छीनने की सुनियोजित साज़िश है बल्कि संवैधानिक अधिकारों का घोर उल्लंघन भी है। वहीं स्कूलों के बंद होने से उनमें कार्यरत हजारों रसोइया जो बेरोजगार हुईं हैं जिनमें अधिकांशतः गरीब/विधवा/निराश्रित महिलाओं के सामने अब रोजगार का संकट खड़ा हो गया है, जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश से समाजवादी महिला सभा ने प्राथमिक विद्यालयों को बंद न करने की मांग की।

वहीं समाजवादी मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष आशीष शर्मा ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि गरीब जनता के वोट से बनी सरकार पूंजीपतियों और धन्नासेठों के हितों में काम कर रही है, भाजपा की इस सरकार में श्रमिक कानूनों की अनदेखी की जा रही है, प्रदेश सरकार के तानाशाही रवैये के चलते आज प्रदेश के किसान, मजदूर तथा नौजवान भुखमरी की कगार पर पहुँच गए हैं।, प्रदेश सरकार की गलत एंव दिशाहीन नीतियों के कारण आज प्रदेश का मजदूर एंव पढ़ा-लिखा नौजवान पलायन को मजबूर है। रोजगार न मिलने से आज नौजवान अपराधों में संलिप्त हो रहा है। एक तरफ प्रदेश की सरकार विद्यालयों को बंद करके पाखण्डवाद को बढ़ावा देने के लिए बजट खर्च कर रही है जिससे सरकार की अदूरदर्शिता स्पष्ट हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की निरंकुशता से हिरासत में हो रही मौतों के ऑकड़े आजादी के बाद के सारे रिकार्ड तोड़ रहे हैं।

मजदूर सभा के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट फर्रुखाबाद को पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा:-

1:- मनरेगा मजदूरों को वर्ष में 300 दिन कार्य दिवस व 600₹ प्रतिदिन मजदूरी हो।

2:- श्रम पोर्टल को तत्काल खोला जाए जिससे लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।

3:- पुराने श्रम कानूनों को बहाल किया जाए तथा नए श्रम संहिता को समाप्त किया जाए।

4:- प्रदेश के लगभग 5000 प्राथमिक विद्यालयों को बंद होने से रोका जाए।

5:- पुलिस द्वारा किया जा रहा शोषित वंचित गरीब और दलित पिछड़ों तथा अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न बंद हो।

इस मौके पर पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, जिला महासचिव इलियास मंसूरी, जिला उपाध्यक्ष सुभाष शाक्य एड० जिला उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्र यादव एड०, सदस्य जिला पंचायत उदय प्रताप सिंह भोला यादव, जिला सचिव रामपाल सिंह यादव, ब्लाॅक अध्यक्ष मोहम्दाबाद अजब सिंह शाक्य, नगर अध्यक्ष खिमसेपुर पवन कुमार गौतम, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा साजिद अली खान, अधिवक्ता सभा जिलाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह यादव, जितेन्द्र सिंह यादव राष्ट्रीय सचिव सलोवा, राजपाल यादव एड०, सुनीता शाक्य प्रदेश उपाध्यक्ष महिला सभा, दीक्षा शाक्य, प्रतिभा यादव, बबली, रूबी यादव, गीता यादव, राखी, ऊषा देवी, रीता देवी, बसुधा देवी, सत्यवती, प्रबल प्रताप सिंह, लक्ष्मी वाथम, नावेद जमा खान, नगर अध्यक्ष अल्पसंख्यक सरवर अंसारी शमशाबाद, लक्ष्मी बाथम, ब्लॉक अध्यक्ष वढपुर मुख्तार आलम, ब्लॉक अध्यक्ष कमालगंज अरविंद पाल, महानगर अध्यक्ष अल्पसंख्यक कमल बाबू, प्रदेश सचिव अल्पसंख्यक अफजाल अहमद फारूक, जिला सचिव बीके गंगवार, राजीव यादव, विवेक यादव, मुजाहिद अंसारी, अखिल कठेरिया, अकलीम खाँ आदि सैकड़ों महिलाएँ एंव समाजवादी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में आम-जनमानस के मौजूद रहे। यह जानकारी समाजवादी पार्टी के जिला सचिव एंव स.मीडिया प्रभारी राधेश्याम सविता ने मीडिया के साथ साझा की।