‘‘दो वर्ष से ऊपर के सभी लोग फाइलेरिया से बचाव की दवा का करे सेवन : डॉ सर्वेश यादव‘‘
‘‘मैंने खाई आप भी खाएं फाइलेरिया को जड़ से मिटाएं : रीता दुबे‘‘
फर्रुखाबाद। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। फाइलेरिया यानि हाथी पांव लाइलाज बीमारी है। इससे बचने के लिए 10 अगस्त को वर्ष में एक बार फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन दो वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को कराया जाता है। इसी को लेकर रामानंद बालिका इंटर कालेज से एक जागरूकता रैली निकाली गई!
इस दौरान कालेज की प्रधानाचार्य रीता दुबे, अध्यापिका बबली, पूजा, अनन्या, उन्नति और पुरुषोत्तम शुक्ला सहित पीसीआई से अनुपम मिश्र और छात्राएं मौजूद रहीं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अवनींद्र कुमार ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और अपने घर परिवार को सुरक्षित करें।
वीवीडी के नोडल अधिकारी डॉ सर्वेश यादव ने कहा कि फाइलेरिया एक घातक बीमारी है। ये साइलेंस रहकर शरीर को खराब करती है। यही कारण है कि इस बीमारी की जानकारी समय पर नहीं हो पाती। हालांकि सजगता से फाइलेरिया बीमारी से बचा जा सकता है। जिला मलेरिया अधिकारी नौशाद अली ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी को खत्म करने के लिए हमें हर बार अभियान में दो वर्ष से ऊपर के सभी लोग इस दवा का सेवन अवश्य करें। डीएमओ ने कहा कि इस वर्ष यह अभियान 10 अगस्त से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मी घर घर जाकर योग्य लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाएंगे।
फाइलेरिया के लक्षण
आमतौर पर फाइलेरिया के कोई लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते। हालांकि बुखार, बदन में खुजली और पुरुषों के जननांग और उसके आस-पास दर्द व सूजन की समस्या होती है। इसके अलावा पैरों और हाथों में सूजन, हाइड्रोसिल (अंडकोषों की सूजन) भी फाइलेरिया के लक्षण हैं। चूंकि इस बीमारी में हाथ और पैरों में हाथी के पांव जैसी सूजन आ जाती है, इसलिए इस बीमारी को हाथीपांव कहा जाता है।
ऐसे करें फाइलेरिया से बचाव
- फाइलेरिया चूंकि मच्छर के काटने से फैलता है, इसलिए बेहतर है कि मच्छरों से बचाव किया जाए। इसके लिए घर के आस-पास व अंदर साफ-सफाई रखें।
- पानी जमा न होने दें और समय-समय पर कीटनाशक का छिड़काव करें। फुल आस्तीन के कपड़े पहनकर रहें।
- सोते वक्त हाथों और पैरों पर व अन्य खुले भागों पर सरसों या नीम का तेल लगाएं।
- हाथ या पैर में कही चोट लगी हो या घाव हो तो उसे साफ रखें। साबुन से धोएं और फिर पानी सुखाकर दवा लगाएं।
- रामानंद बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य रीता दुबे ने छात्राओं से कहा कि फाइलेरिया रोग से हम सभी तभी सुरक्षित रह सकते हैं जब हम शपथ लें कि कम से कम अपने मिलने वालों में पांच लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन अवश्य कराएं। कोई भी अभियान तभी सफल हो सकता है जब उसको समाज का साथ मिल जाए।
- साथ ही कहा कि मैने पिछले वर्ष चले अभियान के दौरान विद्यालय में बूथ लगवाकर सभी छात्राओं और खुद मैंने साथ ही अपने स्टॉफ को भी इस दवा का सेवन कराया। यह दवा सुरक्षित है इससे किसी को कोई हानि नहीं होती है।

