फर्रुखाबाद। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। फर्रुखाबाद महायोजना में प्रस्तावित विकास प्राधिकरण, औद्योगिक क्षेत्र, विकास के नाम पर किसानों की भूमि जबरिया अधिग्रहीत कर शासन , प्रशासन प्रापर्टी डीलर का काम करना चाहता है। जिसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा यदि जरुरत हुई तो किसान न्यायालय का दरवाजा भी खटखटायेंगे। महायोजना के विरोध में बुधवार को कीरतपुर व निनौआ में किसान चौपाल लगी। इस अवसर पर प्रस्तावित नक्शे का भी किसानों ने अवलोकन किया तथा धरातल पर वास्तविकता से अवगत हुए।
किसान नेता अशोक कटियार ने कहाकि धंसुआ, विजाधरपुर, पपियापुर में महायोजना में लघु उद्योग हेतु भूमि प्रस्तावित की गयी है, लेकिन इन स्थानों पर पहले से ही मकान बने हुए हैं। इस कारण भूमि अधिग्रहण होना संभव नहीं है। इसी प्रकार निनौआ गांव सड़क के किनारे बसा है। जिसे सड़क से दूर दिखाया गयाहै। जगत नगर का नक्शे में उत्लेख नहीं है, जबकि जगतनगर रोड पर बसा है। रम्पुरा की काफी आबादी सड़क के किनारे बसी है । उन्होंने कहा कि मार्ग की चौड़ाई मानक विपरीत है। इसलिए योजना रद्द होनी चाहिए। किसानों में दिन पर दिन आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
श्री कटियार ने कहा कि महायोजना ड्रोन कैमरे से पैमाइश कर बनायी गयी है, जबकि मौके पर स्थिति व आवश्यकता अलग है। इसके साथ ही लोकमहत्व के विषय पर महत्वपूर्ण लोगों से परामर्श किये बगैर मनमाने ढंग से महायोजना थोपी जा रही है। जिसका फर्रूखाबाद के किसान, व्यापारी, प्रबुद्ध वर्ग, पूर्व सैनिक विरोध कर रहे है। शासन प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए। चौपाल में विजय कटियार प्रधान, स्वामी दयाल , सर्वजीत सिंह,आनंद प्रकाश कटियार,दीपू कोटेदार,मगन कटियार प्रमोद ,रिंकू, मोना, सहित सैकड़ो की तादाद में किसानों ने भागीदारी की।
महायोजना का विरोध, जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटायेंग किसान

