नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। नेपाल में पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का मुखिया बनाया गया है। उन्होंने शुक्रवार (12 सितंबर, 2025) को देश के अंतरिम प्रधानमंत्री के पद की शपथ ली।
केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद कई दिनों तक चली राजनीतिक अनिश्चितता के बाद 73 वर्षीय सुशीला कार्की को कमान सौंपी गई। जेनजेड प्रदर्शनकारियों ने उनके नाम का प्रस्ताव आर्मी चीफ को दिया था। हालांकि राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल बार-बार संविधान की दुहाई देकर उनके नाम पर विचार करने को कह रहे थे। उनका कहना था कि संविधान के दायरे में रहकर ही संकट का समाधान निकालना होगा। दरअसल नेपाल के संविधान में पूर्व जस्टिस को राजनीतिक पद संभालने की अनुमति नहीं है, लेकिन आंदोलनकारियों की मांग के आगे राष्ट्रपति को झुकना पड़ा और 12 सितंबर को सुशीला कार्की को शपथ दिलाई गई।
सुशीला कार्की ने मानीं जेनजेड प्रदर्शनकारियों की ये डिमांड
1- नेपाल में 6 से 12 महीने के बीच चुनाव कराने की मांग को मान लिया गया है।
2- नेपाल की संसद को भंग कर दिया गया है, अब नेपाल की कमान सुशीला कार्की के हाथों में है।
3- नागरिक और सेना दोनों के रिप्रेजेंटेशन वाली सरकार।
4- पुराने दल और नेताओं की संपत्ति की जांच के लिए पॉवरफुल ज्यूडिशियल कमीशन का गठन किया जाए।
5-आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खि़लाफ़ हुई हिंसा की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो। इससे प्रभावित लोगों को न्याय मिले।
नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कार्की

