कन्नौज: किसान दिवस में अफसरों ने समझाई कम रासायनिक उर्बरक उपयोग की बात, किसानों ने उठाया खाद किल्लत का मुद्दा

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। जनपद में किसान दिवस का आयोजन सन्तोष कुमार, उप कृषि निदेशक  की अध्यक्षता में चौधरी चरण सिंह, सभागार कृषि भवन में किया गया।         

किसान दिवस में आए किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं के समाधान/निराकरण के लिए जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, प्रतिनिधि जिला उद्यान अधिकारी के सहायक उद्यान निरीक्षक, राजकीय दुग्ध पर्यवेक्षक दुग्धशाला विभाग, प्रतिनिधि मण्डी निरीक्षक, प्रतिनिधि फसल बीमा कम्पनी एवं कृषि विज्ञान केन्द, अनौगी के वैज्ञानिक डा० सुशील कुमार सहित लगभग 49 प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।

कृषि विज्ञान केन्द्र अनौगी के प्रसार वैज्ञानिक डा० सुशील कुमार द्वारा उपस्थित कृषक भाईयों को आगामी फसल आलू में सन्तुलित उर्वरकों के प्रयोग के बारे में तकनीकी जानकारी दी गयी तथा बताया गया कि ट्राईकोड्रर्मा को गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर भूमि में प्रयोग करें, जिससे मृदा की उर्वरता बनी रहे। जनपद में बहुत से कृषकों ने अपने खेतों में खरपतवार / घास को नष्ट करने के लिए ग्लाइफोसेट का छिड़काव किया है जो कि मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त ही हानिकारक है। ग्लाफोसेट का प्रयोग रेलवे लाइन, नहर एवं सड़क के किनारे के घास/खरपतवार को नष्ट करने के लिए किया जाता है। कृषकों को सलाह दी गयी कि फसल उगाने वाले खेतों में ग्लाइफोसेट का छिड़काव कदापि न किया जाये। 

भूमि संरक्षण अधिकारी आर०के० वर्मा द्वारा भूमि संरक्षण अनुभाग द्वारा चलायी जा रही है लाभार्थी परक योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी।

अभिलाष सिंह यादव, निवासी ग्राम बिजनौरा, विकास खण्ड-सौरिख एवं अन्य उपस्थित कृषकों द्वारा खाद की समस्या को उठाते हुए बताया गया कि दुकानदारों द्वारा खाद की ओवर रेटिंग के साथ-साथ टैगिंग कर उर्वरकों की विक्री की जा रही है। उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है. साधन सहकारी समितियों यथा-नादेमऊ, फगुआ मट्टा, सिकन्दरपुर, खैरनगर एवं सरायमीरा आदि पर उपलब्ध है। यदि कोई विक्रेता ओवर रेटिंग एवं टैगिंग करता है तो इसकी शिकायत तत्काल मोबाइल / लिखित रूप से करें, ताकि संबंधित दुकानदार के विरुद्ध कार्यवाही की जा सके।

 मुकेश कटियार, निवासी तिखवा, विकासखण्ड कन्नौज द्वारा बताया गया कि मण्डी में किसानों के वारदाना का मूल्य किया जाता था, परन्तु अब आढ़तियों द्वारा उसका मूल्य वापस नहीं किया जा रहा जिससे किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। मौके पर उपस्थित मण्डी निरीक्षक श्री आदिल खाँ से जानकारी करने पर उनके द्वारा इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दे सके।

राम सनेही राजपूत निवासी ग्राम बगिया विकास कन्नौज द्वारा बताया गया कि गंगा नदी के समीप ग्रामों में बाढ़ की समस्या से अवगत कराया गया कि जल भराव के कारण फसलें नष्ट हो गयी है, के संबंध में उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि बाढ/वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों का बीमा कम्पनी, राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सर्वे का कार्य कराया जा रहा है। सर्वे उपरान्त फसल के ऑकलन की क्षतिपूर्ति की जायेगी।

 उप कृषि निदेशक  सन्तोष कुमार ने बताया कि जनपद के कृषकों द्वारा 4.5 गुना अधिक मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग किया जा रहा है, जबकि वैज्ञानिकों के मानक के अनुसार सन्तुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें, जिससे मृदा का स्वास्थ्य उत्तम बना रहे। जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाये, जीवांश कार्बनिक की मात्रा को बढ़ाया जाय। गोबर को गड्ढे में सड़ाएं ताकि जीवाणु बहार न निकलें, जीवामृत, घनजीवामृत को तैयार करके खेत में प्रयोग करें। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत योजनाओं के लाभ लेने के लिए आप लोग फार्मर रजिस्ट्री अवश्य करवाये तथा यह भी बताया गया कि कृषक फैमिली आई०डी० एवं डिजिटल काप सर्वे में कृषकों द्वारा कर्मियों के सहयोगी की अपील की गयी। तथा मौके उपस्थित कृषक श्री रामकुमार, रामतीरथ, वीरपाल, शम्भू दयाल, वृजेश शुक्ला, राजेश, नरेन्द्र एवं राजकुमार को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण भी किया गया।

किसान दिवस के उपरान्त एवोक इण्डिया फाउन्डेशन (आर०बी०आई०) द्वारा आलोक मिश्रा एवं प्रदीप पाण्डेय ट्रेनर द्वारा जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें बैंक से सम्बन्धित विषयों की जानकारी दी गयी जिसमें नामांकन, डिजिटल बैंकिंग और धोखाधड़ी के बारे में लोगों को सचेत किया गया और जमाकर्ता अपनी शिकायत के लिए लोकपाल के पास जा सकता है, इसकी सम्पूर्ण जानकारी सभागार में उपस्थित अधिकारियों एवं प्रगतिशील कृषकों को दी गयी तथा लोगों द्वारा पूँछे गये प्रश्नों का उत्तर उनकी सन्तुष्टि के अनुसार दिया गया।