बृजेश चतुर्वेदी
तिर्वा।कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। बीएलओ की ड्यूटी के मामले में लेखपाल (सुपरवाइजर) को अपशब्द व धमकी देने व तहसील जाकर पीटने वाली महिला शिक्षामित्र के खिलाफ पांच धाराओं में केस दर्ज हो गया है। एसडीएम ने कार्रवाई के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र भी लिखा है। कहा जा रहा है कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। धमकी देने व बातचीत का ऑडियो भी सोशल मीडिया में खूब प्रसारित हो रहा है।
तहसील तिर्वा इलाके की ग्राम पंचायत किनौरा के लेखपाल अमित राजपूत ने कोतवाली तिर्वा में बीएलओ कंचन तोमर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा है कि वर्तमान में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम चल रहा है जिसमें वर्ष 2003 की मतदाता सूची व 2025 की मतदाता सूची से को-रिलेशन किए जाने के लिए भाग संख्या 405 में नियुक्त बीएलओ (प्राथमिक स्कूल हंसापुर की शिक्षामित्र) कंचन तोमर से 29 अक्टूबर को सुबह 8:40 बजे ड्यूटी व सूची लेने के लिए फोन पर बात हुई जिसमें अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जिसकी कॉल रिकार्डिंग उपलब्ध है। लेखपाल ने बताया कि इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। अधिकारियों के निर्देश पर 01 नवंबर को सुबह सवा 11 बजे लेखपाल ने फिर से कंचन तोमर से फोन पर संपर्क किया तो उसने गालियां दीं। तहसील में आकर मारने की धमकी दी। उसके बाद दोपहर ढाई बजे के करीब कंचन तोमर तिर्वा तहसील सभागार आईं। इस दौरान वह शासकीय कार्य निपटा रहा था। कंचन ने उससे नाम पूछा और हमलावर हो गई। आरोप है कि वह गालियां देने लगी। साथ ही मारपीट कर धमकी दी। कहा, अगर रिपोर्ट दर्ज कराई तो छेड़खानी का मुकदमा लगवा देगी। रिपोर्ट में सरकारी दस्तावेज छीनकर फाड़ने का भी जिक्र है। वारदात का वीडियो बनाने का प्रयास करते समय लेखपाल का मोबाइल छीनने का प्रयास भी हुआ। पूरा वाकया तहसील में लगे सीसीटीवी फुटेज में है।
प्रकरण के बारे में पूछे जाने पर बीएसए संदीप कुमार सिंह ने बताया कि एसडीएम तिर्वा ने बीईओ उमर्दा को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। साथ ही एफआईआर की कॉपी भी मिल गई है। पूरे प्रकरण की जांच कराकर आरोपी शिक्षामित्र के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इन धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट
धारा 115 (2), इसमें कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी को चोट पहुंचाता है तो उसे एक वर्ष तक की सजा व 10 हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
धारा 351 (2), आपराधिक धमकी देना है। यदि दोषी पाया जाता है तो 02 वर्ष की तक का कारावास व जुर्माना हो सकता।
धारा 352, शांतिभंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना। सार्वजनिक शांति भंग करने या कोई अपराध करने के लिए उकसाना। दो साल की कैद व जुर्माना।
धारा 324 (4), 20 हजार रुपये या उससे अधिक की आर्थिक हानि होती है। इसमें दो साल की कैद या जुर्माना।
धारा 132, लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या अपराधिक बल प्रयोग से संबंधित है। दो साल की कैद व जुर्माना।

