कन्नौज : बन्दरो के आतंक की चपेट में कन्नौज, डीएम ने ईओ को व्यवस्था करने को कहा

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।  कन्नौज में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग और राहगीर परेशान हैं।

कलक्ट्रेट परिसर, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बंदरों की धमाचौकड़ी से स्कूली बच्चों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन बंदरों को पकड़ने के लिए अब तक कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं।

बंदरों के झुंड राहगीरों का पर्स छीन लेते हैं और बच्चों को दौड़ाकर गिरा भी देते हैं। यदि कोई एक बंदर को भगाने की कोशिश करता है, तो पूरा झुंड उस पर हमला कर देता है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और कलक्ट्रेट परिसर में इनका आतंक सबसे अधिक है, जहां दिन-रात बंदरों का जमावड़ा रहता है। इससे कलक्ट्रेट आने वाले फरियादियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

कलक्ट्रेट परिसर के पास शिवाजी नगर मोहल्ले में कई स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर स्थित हैं। यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं अक्सर कलक्ट्रेट परिसर से होकर ही अपने घरों और स्कूलों तक आते-जाते हैं। बंदरों का झुंड उन्हें रास्ते में परेशान करता है, जिससे बच्चे डरकर एक जगह रुक जाते हैं। बंदरों के हटने के बाद ही वे आगे बढ़ पाते हैं, जिसके कारण अक्सर उन्हें स्कूल या घर पहुंचने में देरी हो जाती है।

शिवाजी नगर मोहल्ले के निवासी गोविंद ने बताया कि उन्होंने कभी भी संबंधित विभाग को बंदरों को पकड़ने का प्रयास करते नहीं देखा। उन्होंने कई बार अधिकारियों से इसकी शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अधिकारी अपनी गाड़ियों में निकल जाते हैं, लेकिन पैदल आने-जाने वाले लोगों के थैले और अन्य सामान अक्सर बंदर छीन लेते हैं, जिससे उन्हें नुकसान होता है।

दो दिन पहले जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को बंदरो को पकड़वाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। ईओ ने इस बारे में बन्दर पकड़वाने के लिए मथुरा सम्पर्क भी किया था। बताया जाता है कि बन्दर पकड़ने वाली टीम मथुरा से ही आती है और बन्दरो को पकड़कर दूर ले जाकर छोड़ देती है।