टीबी रोगियों में बढ जाती है एड्स की संभावना : डॉ रंजन गौतम

फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।  राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आज मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ रंजन गौतम की अध्यक्षता में एक रिव्यू मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें ज्वाइंट डायरेक्टर रमेश चन्द्र, डीएसओ आगरा से रेनू वाला, नाको दिल्ली से तृप्ति जैन डॉ अनुनय कुटार, डीपीटीसी अमित कुमार और पीएसआई इंडिया से अनुपम मिश्र मौजूद रहे।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने इस दौरान कहा कि टीबी के रोगियों को एड्स का खतरा होता है, क्योंकि एचआईवी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है, जिससे टीबी जैसी अवसरवादी संक्रमणों का खतरा बढ जाता है। एचआईवी और टीबी दोनों एक साथ होने पर इसे एचआईवी/टीबी सह-संक्रमण कहा जाता है, जो कि एक घातक संयोजन हो सकता है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण एचआईवी से पीडित लोगों में टीबी बहुत तेजी से और गंभीर रूप से फैल सकती है। डीटीओ ने बताया कि जिस किसी को भी दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी, बुखार, भूख न लगना, वजन कम होना खांसी के साथ बलगम आना और बलगम में अगर खून आ रहा तो फौरन अपनी आशा कार्यकर्ता को जानकारी दें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर अपना इलाज कराएं। डीटीओ ने बताया कि क्षय रोग की दवा बीच में नहीं छोडी जाती है, नहीं तो या अधिक गंभीर हो जाती है कभी कभी तो रोगी को जान से भी हाथ धोना पड जाता है।