लखनऊ। (आवाज न्यूज ब्यूरो) भाजपा के नये प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन समारोह में बड़ी संख्या में आए पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि आज मैं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होकर रोमांचित, उत्साहित और गौरवांवित हूं। मैं गर्व करता हूं कि हमारी पार्टी में न तो कोई परिवारवाद चलता है और न ही जातिवाद है। भाजपा न किसी खास परिवार की पार्टी है न ही किसी खास जाति की। हमारी पार्टी में कोई भी सक्रिय कार्यकर्ता परिश्रम करते हुए किसी भी बड़े से बड़े पद तक पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मेरे लिए अब तक की सबसे गंभीर और बड़ी चुनौती है। मुझे भाजपा ने 1991 में महाराजगंज का चुनाव लड़ाया था तब से सात बार सांसद बन चुका हूं। मैंने न महाराजगंज को छोड़ा है और न ही भाजपा को छोड़ा है। भाजपा के अध्यक्ष के रूप में मेरा काम कार्यकर्ताओं की बात सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। मेरा मानना है कि नेतृत्व का मतलब सिर्फ आदेश देना नहीं है बल्कि समस्याओं का समाधान करना है। मुझे रूल (शासन) नहीं करना है बल्कि रोल अदा करना है।
भाजपा के 17वें अध्यक्ष हैं पंकज चौधरी
पंकज चौधरी भाजपा के 17वें प्रदेश अध्यक्ष हैं। वहीं, कुर्मी समाज से आने वाले चौथे अध्यक्ष हैं।
- माधो प्रसाद त्रिपाठी- पार्टी बनने के बाद यह पहले भाजपा अध्यक्ष रहे। 1980 में बीजेपी के अध्यक्ष बने माधो प्रसाद 1984 तक इस पद पर बने रहे। माधव प्रसाद लोकसभा सदस्य भी रहे।
- कल्याण सिंहः माधव प्रसाद त्रिपाठी के बाद कल्याण सिंह पार्टी अध्यक्ष बने। वह छह वर्षों तक पार्टी के अध्यक्ष रहे। कल्याण सिंह दो बार यूपी के मुख्यमंत्री भी रहे। कल्याण बीच में कुछ वर्षों के लिए भाजपा से अलग हुए। 2014 में उनकी पार्टी में फिर से वापसी हुई।
- राजेंद्र कुमार गुप्ता- कल्याण सिंह के बाद राजेंद्र कुमार गुप्ता एक साल के लिए पार्टी अध्यक्ष रहे।
- कलराज मिश्रः राजेंद्र गुप्ता के बाद कलराज मिश्रा को पार्टी को जिम्मेदारी सौंपी। वह सन् 1991 से 1997 तक अध्यक्ष पद रहे। वह अब तक सबसे लंबे समय तक पार्टी अध्यक्ष रहे।
- राजनाथ सिंहः कलराज मिश्रा के बाद बीजेपी ने राजनाथ सिंह पर भरोसा जताया। वह करीब तीन वर्षों के लिए पार्टी के मुखिया रहे। मार्च 1997 से जनवरी 2000 तक यूपी भाजपा प्रमुख रहे। बाद में राजनाथ सिंह सन 2000 से 2002 तक करीब दो वर्षो के लिए मुख्यमंत्री रहे।
- ओमप्रकाश सिंहः राजनाथ सिंह के बाद ओम प्रकाश सिंह यूपी भाजपा के प्रमुख बने। वह जनवरी 2000 से अगस्त 2000 तक सिर्फ 7 महीने के लिए अध्यक्ष रहे। वह कुर्मी समाज से आते हैं।
- फिर से कलराज मिश्रः ओम प्रकाश के बाद एक बार फिर से कलराज मिश्रा के हाथ में कमान आई। वह 2000 से 2002 तक पार्टी के प्रमुख रहे।
- विनय कटियारः कलराज मिश्र के दूसरे कार्यकाल के बाद बीजेपी ने विनय कटियार को पार्टी में यूपी का जिम्मा सौंपा। विनय कटियार को राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में गिना जाता रहा है। वह करीब दो साल तक पार्टी प्रमुख रहे।
- केशरीनाथ त्रिपाठीः कटियार के बाद पार्टी ने केशरीनाथ त्रिपाठी को अध्यक्ष चुना। जुलाई 2004 से सितंबर 2007 तक अध्यक्ष रहे केशरीनाथ त्रिपाठी बाद में यूपी विधानसभा के स्पीकर रहे और कुछ राज्यों में राज्यपाल भी रहे।
- रमापति राम त्रिपाठीः केशरीनाथ त्रिपाठी के बाद बीजेपी ने डॉ. रमापति राम त्रिपाठी को अध्यक्ष चुना। वह वर्ष 2007 से 2010 तक यूपी भाजपा प्रमुख रहे। राम पति राम त्रिपाठी देवरिया लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद भी रह चुके हैं।
- सूर्य प्रताप शाहीः रमापति राम त्रिपाठी के बाद बीजेपी ने सूर्य प्रताप शाही के कंधों पर यूपी की जिम्मेदारी सौंपी। मई 2010 से 2012 के अप्रैल तक यूपी बीजेपी अध्यक्ष रहे सूर्य प्रताप शाही इस समय योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं।
- लक्ष्मीकांत वाजपेयीः सूर्य प्रताप शाही के बाद बीजेपी ने लक्ष्मीकांत वाजपेयी को पार्टी का अध्यक्ष बनाया। वाजपेयी 2012 से 2016 तक करीब चार वर्षों तक बीजेपी के अध्यक्ष रहे।
- केशव प्रसाद मौर्यः लक्ष्मीकांत वाजपेयी के बाद केशव प्रसाद मौर्य पार्टी के अध्यक्ष बनाए गए। अप्रैल 2016 से अगस्त 2017 तक वह पार्टी के अध्यक्ष रहे।
- महेंद्र नाथ पांडेयः केशव के बाद बीजेपी ने महेंद्र नाथ पांडेय को अध्यक्ष बनाया था। महेंद्र नाथ पांडेय 2 बार सांसद रहे और केंद्र सरकार में मंत्री भी थे। वह अगस्त 2017 से जुलाई 2019 तक यूपी बीजेपी के अध्यक्ष रहे।
- स्वतंत्र देव सिंहः पांडेय के बाद बीजेपी ने यूपी में स्वतंत्र देव सिंह को पार्टी का अध्यक्ष चुना गया। कुर्मी समाज से आने वाले स्वतंत्र देव सिंह जुलाई 2019 से अगस्त 2022 तक अध्यक्ष रहे। बाद में वह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने।
- चौधरी भूपेंद्र सिंहः चौधरी भूपेंद्र सिंह वर्ष 2022 में बीजेपी अध्यक्ष बने। वह अभी भी पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष हैं। उनका कार्यकाल तीन साल से अधिक समय तक रहा।

