विश्व के सबसे ऊँचे अशोक स्तंभ निर्माण की समीक्षा

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

छिबरामऊ। (आवाज न्यूज ब्यूरो) नगर के निकट लक्षीराम नगला में विश्व के सबसे ऊँचे अशोक स्तंभ के निर्माण का जमीनी कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इंजीनियर कुलदीप सिंह ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा की, जो सम्राट अशोक चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में संचालित हो रही है। यह पहल क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी, जो सम्राट अशोक की अमर विरासत को जीवंत करेगी। लखनऊ से आए आर्किटेक्ट कुलदीप शाक्य ने बताया कि लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रहे इस 108 फीट ऊँचे राष्ट्रीय प्रतीक के लिए फाउंडेशन का आधारभूत कार्य लगभग पूरा हो चुका है। 25 फीट लंबे और 25 फीट चौड़े क्षेत्र में 43 फीट गहरी 16 बोरिंग का कार्य सफलतापूर्वक समाप्त हो गया है। अब इसके ऊपर चुनार पत्थर से बने 10 फीट लंबे और 10 फीट चौड़े मजबूत फाउंडेशन को स्थापित किया जाएगा। इस दृढ़ आधार पर पत्थर का निर्मित अशोक स्तंभ खड़ा किया जाएगा, जो उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से तैयार होगा ताकि यह सदियों तक अटल रहे। शाक्य ने कहा, यह स्तंभन केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करेगा, बल्कि पर्यटकों को आकर्षित कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगा। ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि ओमकार शाक्य ने कहा यह निर्माण कार्य पर्यावरण अनुकूल तकनीकों पर आधारित है, जो स्थानीय रोजगार सृजन में भी सहायक सिद्ध होगा। ट्रस्ट के प्रयासों से छिबरामऊ वैश्विक मानचित्र पर चमकेगा। समीक्षा के दौरान अमित शाक्य (संकिसा), जीतू शाक्य, शिव प्रताप शाक्य (एडवोकेट), चंचल शाक्य, आदित्य विक्रम सिंह, मदन सिंह, नवनीत शाक्य और पिंटू शाक्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।