फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो) वर्षों से लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं ने गुरुवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्री-सहायिका संघ के बैनर तले विकास भवन गेट पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकत्री और सहायिकाओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में संघ ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाएं पिछले कई दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की रीढ़ बनकर कार्य कर रही हैं। पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक संचालित करने में इनकी अहम भूमिका है। इसके बावजूद आज तक उन्हें पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। संघ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा सितंबर माह में मानदेय वृद्धि एवं उच्च गुणवत्ता के मोबाइल फोन देने की घोषणा की गई थी, लेकिन यह घोषणा अब तक धरातल पर नहीं उतरी है। इससे प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं में भारी रोष और असंतोष व्याप्त है। धरने के दौरान संघ की ओर से प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें आंगनबाड़ी कार्यकत्री का मानदेय 24 हजार रुपये एवं सहायिका का 12 हजार रुपये प्रतिमाह करने, भविष्य निधि, पेंशन, मेडिकल अवकाश सहित सभी वैधानिक सुविधाएं प्रदान करने, पदोन्नति की स्थायी व्यवस्था लागू करने तथा पोषण ट्रैकर के सुचारु संचालन के लिए 5जी मोबाइल फोन एवं डाटा भत्ता देने की मांग शामिल है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 7 मार्च तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 8 मार्च को प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाएं लखनऊ कूच करेंगी। इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रीति गुप्ता, जिला महामंत्री नीरज, जिला संगठन मंत्री साधना प्रजापति, ब्लॉक अध्यक्ष सुलेखा गंगवार, ब्लॉक महामंत्री रचना देवी सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाएं मौजूद रहीं।
मानदेय वृद्धि व सरकारी दर्जे की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्री-सहायिकाओं का धरना

